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    दमोह: तेंदूखेड़ा में उल्टी-दस्त का कहर, जबलपुर में इलाज के दौरान युवक की मौत

    दमोह। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के वार्ड क्रमांक तीन और चार के लोग उल्टी-दस्त की बीमारी से पीड़ित हो गए हैं। इसके बाद अधिकांश लोगों का इलाज जबलपुर के निजी अस्पतालों में चल रहा है। इलाज के दौरान एक युवक की मौत भी हो गई है। दरअसल, नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश थमने के बाद अब बीमारियों का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। प्रतिदिन अस्पतालों में दर्जनों मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें उल्टी-दस्त या पेट दर्द की शिकायत मिल रही है। स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा के अनुसार उल्टी, दस्त और पेट दर्द से ग्रस्त मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं, जिनका उपचार डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन यह बीमारी किस कारण हो रही है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। नगरीय क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी लोग बीमार हैं।

    दिनेश पिता झाम सिंह यादव, निवासी खमरिया भी उल्टी-दस्त की शिकायत पर मंगलवार को तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टरों ने उनका उपचार किया, हालत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई। दिनेश यादव ने बताया कि अचानक उसे उल्टी-दस्त होने लगे थे।
    तेंदूखेड़ा की वार्ड चार निवासी ममता रैकवार बुधवार दोपहर उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचीं। इसी तरह तीन दिन पहले लालचंद पिता मूलचंद, निवासी वार्ड चार को भी उल्टी-दस्त होने पर शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। परिवार के लोगों का कहना था कि शायद नगर में जो पेयजल सप्लाई हो रही है, उसमें कुछ गड़बड़ी है, क्योंकि इससे पूर्व कभी ऐसी स्थिति नहीं हुई थी।

    उपचार के दौरान मौत

    पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रामकुमार साहू ने बताया कि वार्ड तीन और चार में कुछ दिन पूर्व वार्ड के कुएं से नगर परिषद के कर्मचारियों ने पेयजल योजना की सप्लाई चालू कर दी थी। उसी दिन से वार्डों में उल्टी-दस्त की बीमारी बढ़ी है। बाद में पाइपलाइन को बदला गया, लेकिन इस बीच लगभग तीन दर्जन लोग उल्टी-दस्त से ग्रस्त हो चुके थे, जिनका उपचार जबलपुर के निजी अस्पतालों में हुआ है और वर्तमान में भी जारी है। अस्सु विश्वकर्मा को भी चार दिन पहले अचानक पेट में दर्द हुआ। उन्हें तेंदूखेड़ा शासकीय अस्पताल लाया गया, वहां से जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें दमोह से जबलपुर रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उल्टी-दस्त की शिकायत आने के बाद तेंदूखेड़ा से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर के उन वार्डों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जहां लोग बीमारी से ग्रस्त थे। नगर परिषद से भी पानी की जांच करवाई गई, जिसमें कुछ नहीं मिला।

    दस से बारह मरीज आए

    तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉ. अशोक बारोनिया का कहना है कि नगर में उल्टी-दस्त के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार सुबह भी दस से बारह मरीज शिकायत लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उपचार में लगी हुई है। जिस युवक की मौत हुई है, उसकी किडनी पहले से ही खराब थी क्योंकि वह शराब का सेवन करता था। इस बारे में उसके घर से भी जानकारी ली गई है। तेंदूखेड़ा नगर परिषद के सीएमओ पीयूष अग्रवाल का कहना है कि पानी की जांच की गई है, पानी में कोई कमी नहीं पाई गई है, और वह पूरी तरह से साफ है।

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