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    डेटा-आधारित नीति से प्रदेश के शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा : आयुक्त भोंडवे

    भोपाल : मध्यप्रदेश में नागरिकों को सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में 'अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी' (किफायती आवास नीति) पर एक गहन स्टेकहोल्डर परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश की आगामी आवास नीति के स्वरूप, भविष्य की रणनीतियों और सामाजिक स्थिरता पर विस्तार से मंथन किया गया। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल द्वारा किफायती आवास की चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विशेषज्ञ द्वारा विस्तृति प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रस्तुतिकरण में पर्यावरणीय में संतुलन, सामाजिक स्थिरता तथा शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया।

    डेटा और तकनीक बनेगी नीति का आधार

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि विभाग के पास वर्तमान में लगभग 55 लाख प्रॉपर्टी आईडी का विशाल डेटा उपलब्ध है। इस डेटा का उपयोग कर एक सशक्त और साक्ष्य-आधारित हाउसिंग पॉलिसी तैयार की जाएगी। उन्होंने आवास नीति की महत्ता को रेखांकित करते हुए SPA, भोपाल को निर्देशित किया कि अगले 30 दिनों के भीतर नीति का अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर प्रस्तुत करें।

    निजी क्षेत्र की सहभागिता और पारदर्शिता पर जोर

    आयुक्त भोंडवे ने अपर आयुक्त शिशिर गेमावत को निर्देश दिए कि नीति निर्माण में क्रेडाई (CREDAI) जैसे संगठनों के माध्यम से निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई नीति में आईटी टूल्स (IT Tools) का प्रभावी उपयोग किया जाएगा, जिससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता आए।

    विशेषज्ञों ने साझा किए नवाचारी विचार

    कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने किफायती आवास के क्षेत्र में वैश्विक और आधुनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किए, डब्लू आर आई इंडिया के सिद्धार्थ त्यागराजन ने आवासीय क्षेत्रों को 'संपूर्ण और सुविधाजनक' बनाने पर,डॉ. साकेत सर्राफ (अहमदाबाद) ने आवासों में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा की आवश्यकता, सुदिशा जैन (CII हैदराबाद) ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर 'ग्रीन रेटिंग' प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की और डॉ. अपर्णा वेदुला (पूर्व मुख्य योजनाकार, CIDCO) ने आवासों की आपूर्ति बढ़ाने के लिये 'क्रॉस-सब्सिडी मॉडल' पर विस्तार से चर्चा की। SPA भोपाल की प्रधान अन्वेषक प्रो. डॉ. श्युली मित्रा ने मध्यप्रदेश किफायती आवास नीति के प्रस्तावित प्रारूप का प्रस्तुतीकरण किया।

    समावेशी विकास का संकल्प

    इंडक्टिव सत्र में प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त, स्मार्ट सिटी के सीईओ और विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों ने अपने व्यावहारिक सुझाव दिए। बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक सी.बी. चक्रवर्ती ने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी नीति तैयार करना है जो न केवल किफायती हो, बल्कि पर्यावरण-सम्मत और समावेशी भी हो। इस व्यापक विमर्श से मध्यप्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग के क्षेत्र में एक ठोस और प्रभावी नीति का मार्ग प्रशस्त होगा।

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