नगांव| असम में प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति के मैदान में उतरे पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को भारतीय जनता पार्टी ने नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। शुक्रवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी। उल्लेखनीय है कि देबाशीष शर्मा ने बीते 3 सितंबर को नगांव के जिला आयुक्त (डीसी) पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी, 6 सितंबर को उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और इसके महज पांच दिन बाद पार्टी ने उन्हें चुनावी समर में उतार दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के करीबी अधिकारियों में गिनती, 34 वर्षों का रहा प्रशासनिक अनुभव
लगभग 34 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में रहे देबाशीष शर्मा को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का अत्यंत भरोसेमंद माना जाता है। प्रत्याशी घोषित होने के बाद शर्मा ने कहा कि नगांव के डीसी के रूप में उन्होंने सदैव निष्पक्षता से जनता की सेवा की है और अब राजनीतिक मंच के माध्यम से सभी वर्गों को साथ लेकर क्षेत्र का विकास करेंगे। अपने कार्यकाल के दौरान वे मोरीगांव के जिला आयुक्त, गुवाहाटी नगर निगम के आयुक्त तथा मुंबई स्थित असम भवन में भी तैनात रहे, जहां उन्होंने कैंसर रोगियों की सहायता के लिए सराहनीय कार्य किए।
जून 2025 में बने थे नगांव के डीसी, वीआरएस के बाद से ही लगाई जा रही थीं अटकलें
जून 2025 में नगांव के जिला आयुक्त के रूप में पदभार संभालने के बाद से ही शर्मा अपनी सक्रियता और जनसंवाद शैली के कारण चर्चा में थे। हालांकि उनके पार्टी में शामिल होने के समय प्रदेश नेतृत्व ने टिकट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की थी, किंतु प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय स्तर पर उनकी व्यक्तिगत साख को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
परिसीमन के बाद बदला समीकरण, 6 अक्तूबर को होगा मतदान
नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद पड़ी, जो विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल होकर विधायक निर्वाचित हुए हैं। परिसीमन के उपरांत बदला हुआ यह समीकरण भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आगामी 6 अक्तूबर को नगांव सीट पर मतदान होगा तथा 9 अक्तूबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। पार्टी को विश्वास है कि एक पूर्व नौकरशाह की स्वच्छ छवि और मुख्यमंत्री की रणनीति का लाभ चुनाव में अवश्य मिलेगा।


