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    ‘पहले तय कर लें मैं किसकी B टीम हूं’, अभिजीत दीपके ने विरोधियों पर कसा तंज

    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संगठन को किसी भी राजनीतिक दल की ‘B टीम’ बताए जाने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। दीपके ने विरोधी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले नेता पहले आपस में तय कर लें कि वे उन्हें किसकी टीम मानते हैं।

    ‘विपक्षी नेता पहले तय करें, हम सिर्फ छात्रों की A-टीम हैं’

    विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की ‘B टीम’ बताते हैं, जबकि कुछ अन्य लोग आम आदमी पार्टी की ‘B टीम’ कहते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी नेताओं को एक साथ बैठकर पहले यह तय कर लेना चाहिए कि वे उन्हें किसकी टीम मानते हैं। दीपके ने जोर देकर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी किसी राजनीतिक दल की पिछलग्गू नहीं है, बल्कि वह देश के छात्रों की सीधी और मजबूत ‘A टीम’ है।

    ‘सरकारी स्कूलों का सुधार देश के भविष्य का मुद्दा, राजनीति का नहीं’

    सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार लाने के अभियान पर बात करते हुए CJP प्रमुख ने कहा कि इसे किसी एक पार्टी या संगठन के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना बच्चों और देश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए जो भी देशहित चाहता है, उसे इस मुहिम का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े कई नेता भी शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, इसलिए किसी एक संगठन की पहल पर सवाल उठाना गलत है।

    संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की डिग्री सार्वजनिक जांच के दायरे में हो

    सार्वजनिक जीवन और राजनीति में पारदर्शिता की वकालत करते हुए अभिजीत दीपके ने नेताओं की शैक्षणिक योग्यता पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मौजूद, चुनाव लड़ने वाले और संवैधानिक पदों पर बैठे किसी भी व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता और डिग्री पर सवाल उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह उन जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अपनी डिग्री और योग्यता को जनता के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ रखें।

     

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