नई दिल्ली: देश की राजधानी में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के अनुसार, दिल्ली में बड़े पैमाने पर आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है। सुरक्षा बलों को आशंका है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' पुरानी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकता है। इस सूचना के बाद पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रमुख इमारतों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा चाक-चौबंद
इनपुट मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। लाल किला, चांदनी चौक, प्रमुख मंदिरों और कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के चारों ओर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। विशेष रूप से बीजेपी (BJP) मुख्यालय भी आतंकियों के रडार पर बताया जा रहा है, जिसके चलते वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस और सुरक्षा बल संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं।
IED ब्लास्ट की आशंका और सघन निगरानी
सूत्रों के अनुसार, आतंकी इस बार आईईडी (IED) ब्लास्ट के जरिए हमले की योजना बना सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां निरंतर संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। यह पिछले कुछ समय में दूसरा मौका है जब इस तरह का गंभीर अलर्ट जारी हुआ है। हाल ही में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में भी यह खुलासा हुआ था कि वे देश के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी सीमा पार साझा कर रहे थे।
पुरानी यादों ने बढ़ाई चिंता: लाल किला धमाका
सुरक्षा एजेंसियां इस अलर्ट को बेहद गंभीरता से ले रही हैं, क्योंकि दिल्ली अभी तक 10 नवंबर 2025 को हुए लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास के धमाकों के जख्मों से उबर नहीं पाई है। उस समय विस्फोटक से भरी कार के जरिए किए गए हमले में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। उसी पैटर्न को ध्यान में रखते हुए इस बार सीसीटीवी मॉनिटरिंग और सघन चेकिंग अभियान को कई गुना बढ़ा दिया गया है।


