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    60 बार दिल्ली जाने के बावजूद राजस्थान को नहीं मिली मदद, डोटासरा का तंज

    जयपुर|केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बजट को राजस्थान के लिए पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो वर्षों में करीब 60 बार दिल्ली गए, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान के लिए एक रुपया भी विशेष पैकेज के रूप में नहीं ला पाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में अभी तीन साल तक कोई चुनाव नहीं होने हैं, इसलिए राज्य को बजट में “फूटी कौड़ी” भी नहीं दी गई।डोटासरा ने रविवार को सीकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग, ग्रामीण परिवेश और पिछड़े इलाकों के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो रोजगार को लेकर कोई ठोस योजना है और न ही राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्य के लिए पानी से जुड़ी किसी बड़ी परियोजना की घोषणा की गई है।पीसीसी चीफ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो साल में कम से कम 60 बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलने दिल्ली गए, लेकिन राजस्थान के लिए कोई विशेष पैकेज, कोई बड़ी सौगात या कोई ठोस घोषणा लेकर नहीं लौटे। “मुख्यमंत्री हर बार दिल्ली जाते हैं, लेकिन सवाल यह है कि राज्य को उनसे मिला क्या?”—यह सवाल डोटासरा ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से पूछा।उन्होंने कहा कि राजस्थान में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन बजट में पर्यटन क्षेत्र के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया। जल जीवन मिशन, ERCP, मानगढ़ धाम और NCRP जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन बजट में इनका कोई जिक्र तक नहीं है। डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान आकर कई घोषणाएं की थीं, लेकिन बजट में उनका कोई प्रतिबिंब नजर नहीं आता।इनकम टैक्स स्लैब को लेकर भी डोटासरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्ग इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बजट में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। “आज हालात यह हैं कि कर्मचारी का वेतन 15 दिन में ही खत्म हो जाता है और बाकी 15 दिन का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है,” उन्होंने कहा।डोटासरा ने शेयर बाजार में आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि बजट के बाद शेयर मार्केट का धड़ाम से गिरना इस बात का संकेत है कि यह बजट किसी भी वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक साल में दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन इस बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।उन्होंने बांसवाड़ा रेल परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिण राजस्थान के लोग इस परियोजना को लेकर लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन बजट में इसके लिए भी कुछ नहीं दिया गया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उन राज्यों पर ज्यादा फोकस किया है, जहां आने वाले समय में चुनाव होने हैं, जबकि राजस्थान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।पीसीसी चीफ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर राजस्थान को विधानसभा चुनाव के समय की तरह इस बजट में भी “पर्ची” मिल जाती, तो शायद कुछ न कुछ जरूर मिल जाता। “लेकिन इस बार तो पर्ची भी नहीं मिली, इसलिए पूरी तरह शून्यता है,” उन्होंने कहा।भाजपा नेताओं द्वारा बजट को ऐतिहासिक और बेहतरीन बताए जाने पर डोटासरा ने कहा कि उन्हें अपनी नौकरी बचाने और आलाकमान को खुश करने के लिए ऐसा कहना ही पड़ेगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा नेता कहेंगे कि बस 2047 में विकसित भारत बन जाएगा, लेकिन आज लोगों के पास रोजगार नहीं है, खाने को पूरी रोटी नहीं है और कर्मचारी परेशान हैं।अंत में डोटासरा ने कहा कि राजस्थान के लोग जीएसटी के रूप में जो टैक्स केंद्र को देते हैं, उस पर राज्य का पूरा हक है। इसके बावजूद बजट में राजस्थान के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं होना केंद्र सरकार की भेदभावपूर्ण नीति को दर्शाता है। उन्होंने दोहराया कि राजस्थान में अभी तीन साल चुनाव नहीं हैं, इसलिए राज्य को बजट में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

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