डबरा | मध्य प्रदेश के डबरा के अंतर्गत आने वाले पिछोर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला कथित ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। यहाँ एक पिता और उसके भाई पर अपनी ही 21 वर्षीय जवान बेटी की बेरहमी से हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि मृतका द्वारा बॉयकट बाल रखने, घर से बाहर रहकर नौकरी करने और परिवार की मर्जी के खिलाफ एक युवक को घर में रखने की जिद करने से नाराज होकर परिजनों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार चाचा की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
क्या है पूरा घटनाक्रम और विवाद की वजह?
यह सनसनीखेज वारदात पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम पथरियापुरा की है, जहाँ मृतका की पहचान 21 वर्षीय अनु उर्फ नंदनी यादव के रूप में हुई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को घर के भीतर उपजे विवाद के दौरान आरोपी पिता भगवान सिंह यादव और उसके भाई संतोष यादव ने सबसे पहले घर की एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ मारपीट की और उसका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद मां के बीच-बचाव करने के कारण उस बच्ची की जान बचाई जा सकी।
इसके बाद आरोपी गुस्से में दूसरे कमरे में पहुँचे, जहाँ 21 वर्षीय अनु मौजूद थी। आरोप है कि आरोपियों ने पहले अनु के साथ मौजूद उसके मुंहबोले भाई मनमोहन पांडे के साथ मारपीट की और फिर अनु पर हमला कर दिया। युवती के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट करने के बाद उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
जीवनशैली और सोशल मीडिया की दोस्ती बनी रंजिश की वजह
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मृतका अनु उर्फ नंदनी कर्नाटक के विजयपुर स्थित एक मॉल में नौकरी करती थी। उसका रहन-सहन, बॉयकट बाल रखना और आधुनिक जीवनशैली परिवार के सदस्यों को बिल्कुल रास नहीं आ रही थी। इसके अलावा, करीब 9 महीने पहले फेसबुक के माध्यम से जुड़े एक युवक को वह अपना मुंहबोला भाई बनाकर घर में रखना चाहती थी, जिसका परिवार लगातार विरोध कर रहा था। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब युवती अपने घर आई थी, तो इन्हीं बातों को लेकर पारिवारिक कलह और अधिक बढ़ गई, जो अंततः इस जघन्य हत्याकांड की वजह बन गई।
पुलिस की कार्रवाई और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव के बाहर से ही मुख्य आरोपी पिता भगवान सिंह यादव को धर दबोचा।
एसडीओपी सौरभ कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से ऑनर किलिंग से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। पिता और चाचा दोनों पर युवती की हत्या का सीधा आरोप है। पुलिस द्वारा एक मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जबकि दूसरे फरार आरोपी चाचा की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।


