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    इन 10 शारीरिक लक्षणों को न करें नजरअंदाज, आपकी लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी

    नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर हम अपने शरीर के छोटे-छोटे बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं। हल्का दर्द हो तो मान लेते हैं कि थकान है, बेचैनी हो तो सोच लेते हैं कि स्ट्रेस है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार ऐसे ही छोटे लगने वाले लक्षण गंभीर बीमारियों का संकेत होते हैं? बता दें, आपातकालीन कक्ष (ER) में काम करने वाले डॉक्टर रोजाना ऐसे मरीजों को देखते हैं, जिन्होंने इन 10 संकेतों (life-Threatening Symptoms) को गंभीरता से नहीं लिया और जब तक अस्पताल पहुंचे, हालत बिगड़ चुकी थी। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं इनके बारे में।

    भ्रम की स्थिति

    अगर कोई व्यक्ति अचानक चीजें भूलने लगे, पहचान न पाए या उसकी बोली अस्पष्ट हो जाए, तो यह मामूली थकान नहीं बल्कि गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। यह स्ट्रोक, सेप्सिस या ब्लड शुगर कम होने जैसी स्थितियों की ओर इशारा करता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    पीठ के ऊपरी हिस्से में असामान्य दर्द

    कई बार दिल का दौरा केवल सीने में दर्द से नहीं बल्कि पीठ, गर्दन या जबड़े में तेज दर्द से भी सामने आता है। अगर अचानक पीठ के बीच तेज़ या "चीरा जैसा दर्द" महसूस हो, तो इसे मांसपेशियों का खिंचाव मानकर अनदेखा न करें। यह दिल से जुड़ी गंभीर समस्या या धमनियों में फटने का संकेत हो सकता है।

    अचानक होने वाली तेज खुजली

    अगर पूरे शरीर में अचानक तेज खुजली शुरू हो जाए और साथ ही चेहरा लाल पड़ने लगे, तो यह एलर्जिक रिएक्शन (Anaphylaxis) हो सकता है। इसमें उल्टी, दस्त या मतली भी शामिल हो सकते हैं। यह स्थिति जानलेवा बन सकती है, इसलिए तुरंत चिकित्सीय मदद लें।

    उल्टी का रंग असामान्य होना

    उल्टी का रंग भी बीमारी का संकेत देता है। जी हां, हरी उल्टी आंतों में रुकावट का इशारा है। वहीं, गाढ़े भूरे या काले रंग की उल्टी में पच चुका खून हो सकता है। इसके अलावा, लाल उल्टी का मतलब है तेज ब्लीडिंग। ऐसे में लापरवाही बिल्कुल न करें।

    अचानक डर या बेचैनी

    कभी-कभी बिना किसी कारण के तेज घबराहट या अनहोनी का अहसास होता है। अगर इसके साथ सांस फूलना, चक्कर आना या दिल की धड़कन तेज होना महसूस हो, तो यह दिल का दौरा, ब्लड क्लॉट या एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है। इसे सिर्फ एंग्जायटी मानकर टालना खतरनाक है।

    बिना वजह बेहोश होना

    अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए या बार-बार चक्कर आने लगे, तो यह दिल की धड़कन की अनियमितता, इंटरनल ब्लीडिंग या न्यूरोलॉजिकल समस्या का लक्षण हो सकता है। हालांकि कभी-कभी यह डिहाइड्रेशन से भी होता है, लेकिन जांच कराना बेहद जरूरी है।

    सफेद या फीके रंग का मल

    सामान्य मल का रंग पित्त से आता है। अगर मल सफेद या फीका दिखे, तो यह पित्त नली के अवरुद्ध होने का संकेत है। यह समस्या पैंक्रियाज कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी जुड़ी हो सकती है।

    पेशाब रुक जाना

    कब्ज की समस्या आम है, लेकिन अगर इसके साथ पेशाब बिल्कुल बंद हो जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। मल जमा होकर मूत्राशय को दबा सकता है, जिससे किडनी फेल होने तक की नौबत आ सकती है। ऐसे में, तुरंत इलाज जरूरी है।

    लेटते समय सांस फूलना

    अगर लेटते ही अचानक सांस लेने में दिक्कत हो, तो यह दिल की विफलता, फेफड़ों में रक्त का थक्का या साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। इस लक्षण को कभी भी नजरअंदाज न करें।

    सिर्फ एक पैर में दर्द या सूजन

    अगर एक ही पैर में सूजन, लालिमा या दर्द हो और पैर छूने पर गर्म लगे, तो यह डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) यानी नसों में खून का थक्का हो सकता है। यह थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए तो जानलेवा स्थिति (Pulmonary Embolism) बन सकती है।

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