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    Homeधर्म-समाजक्या सच में रिश्तों की कड़वाहट दूर करता है शिवलिंग पर शहद?...

    क्या सच में रिश्तों की कड़वाहट दूर करता है शिवलिंग पर शहद? जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे

    भगवान शिव की पूजा में अलग-अलग चीजें चढ़ाने की परंपरा बहुत पुरानी है. कोई दूध चढ़ाता है, कोई जल, कोई बेलपत्र, तो कोई शहद भी अर्पित करता है. बहुत लोग ये काम आस्था से करते हैं, पर इसके पीछे कुछ गहरे संकेत और भाव भी छिपे होते हैं. शहद सिर्फ मीठा पदार्थ नहीं है, इसे पवित्र, शुद्ध और ऊर्जा से भरा माना जाता है. जब भक्त शिवलिंग पर शहद चढ़ाता है, तो वो सिर्फ एक पूजा क्रिया नहीं होती, बल्कि मन, सोच और जीवन में मिठास लाने की इच्छा भी होती है. मान्यता है कि शहद चढ़ाने से जीवन की कड़वाहट धीरे-धीरे कम होती है और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है. जो लोग मानसिक तनाव, गुस्सा या बेचैनी से जूझ रहे होते हैं, उन्हें भी ये पूजा मन को हल्का करने में मदद करती है. शिव जी को भोलेनाथ कहा जाता है, यानी वो जल्दी प्रसन्न होते हैं. सच्चे मन से किया गया छोटा सा अर्पण भी बड़ा फल दे सकता है.

    1. जीवन में मिठास लाने का संकेत
    शहद का स्वाद मीठा होता है, इसलिए इसे सुख और प्रेम का प्रतीक माना जाता है. शिवलिंग पर शहद चढ़ाने का मतलब है कि भक्त अपने जीवन से कड़वाहट हटाकर मिठास चाहता है. जिन लोगों के रिश्तों में तनाव रहता है, उनके लिए ये पूजा खास मानी जाती है.
    2. वाणी और व्यवहार में सुधार
    कई लोग जल्दी गुस्सा हो जाते हैं या उनकी बातों से दूसरों को ठेस लग जाती है. शहद चढ़ाने की मान्यता ये बताती है कि इंसान की बोली भी शहद जैसी मीठी हो. जब इंसान इस भाव से पूजा करता है, तो धीरे-धीरे उसका स्वभाव भी बदलने लगता है.
    3. मानसिक शांति का अनुभव
    भगवान शिव ध्यान के देव माने जाते हैं. शहद चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” का जाप करने से मन शांत होता है. जो लोग बेचैनी, डर या तनाव से गुजर रहे हैं, उनके लिए ये पूजा मन को स्थिर करने का एक आसान तरीका बन सकती है.
    4. सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह
    माना जाता है कि शहद में प्राकृतिक ऊर्जा होती है. जब इसे शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है, तो आसपास का माहौल भी शांत और सकारात्मक महसूस होता है. घर में बार-बार झगड़े या नकारात्मक माहौल हो, तो ये पूजा वातावरण बदलने में मददगार मानी जाती है.
    5. दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाने की मान्यता
    पति-पत्नी के बीच दूरी या मनमुटाव हो, तो शहद अर्पित करने की सलाह दी जाती है. इसका संकेत है कि जैसे शहद मीठा होता है, वैसे ही रिश्ता भी मधुर बने. कई लोग सोमवार के दिन ये पूजा करते हैं.
    6. आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक
    जब इंसान श्रद्धा से पूजा करता है, तो उसके अंदर भरोसा बढ़ता है. शहद चढ़ाने के साथ प्रार्थना करने से मन में हिम्मत आती है और डर कम होता है. ये मानसिक ताकत का एक रूप है.
    7. आध्यात्मिक जुड़ाव गहरा होता है
    शहद अर्पण सिर्फ बाहरी पूजा नहीं है, ये अंदर की भावना को भी दर्शाता है. जब इंसान सच्चे दिल से शिव जी को याद करता है, तो उसे एक अलग सुकून मिलता है. यही जुड़ाव धीरे-धीरे आत्मिक शांति देता है.

    कैसे चढ़ाएं शहद
    सुबह स्नान के बाद साफ मन से शिवलिंग पर थोड़ा शहद अर्पित करें. उसके बाद जल से हल्का अभिषेक कर लें. “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते रहें. ध्यान रहे कि मात्रा कम हो, सिर्फ भावना बड़ी होनी चाहिए.
    ध्यान रखने वाली बातें
    -शुद्ध शहद ही अर्पित करें.
    -दिखावे से नहीं, सच्चे मन से पूजा करें.
    -पूजा के बाद आसपास साफ रखें.

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