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    ‘डोनाल्ड ट्रंप’ की कुर्बानी रुकवाई! बांग्लादेश में PM तारिक के दखल से बची जान

    ढाका: बांग्लादेश में सोशल मीडिया पर ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम से मशहूर हुआ एक दुर्लभ एल्बिनो (सफेद) भैंसा अब कुर्बानी का शिकार नहीं होगा। आखिरी वक्त पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने दखल देते हुए उसकी कुर्बानी रुकवा दी है और उसे सीधे ढाका के नेशनल जू (राष्ट्रीय चिड़ियाघर) भेजने का फैसला किया है। करीब 700 किलो वजन वाले इस अनोखे भैंसे को ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए पहले ही बेचा जा चुका था, लेकिन उसकी गजब की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार को बीच में कूदना पड़ा।

    सिर के सुनहरे बालों ने बनाया इंटरनेट का 'डोनाल्ड ट्रंप'

    इस भैंसे की सबसे बड़ी यूएसपी और पहचान उसके सिर पर झूलते सुनहरे बाल हैं। लोगों को इसका अनोखा हेयरस्टाइल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसा लगा, जिसके बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लोगों ने इसका नाम ही ‘डोनाल्ड ट्रंप’ रख दिया। नरायणगंज स्थित फार्म के मालिक जियाउद्दीन मृधा ने बताया कि चार साल के इस एल्बिनो भैंसे को उन्होंने 10 महीने पहले खरीदा था। इसके सुनहरे बालों को सबसे पहले उनके छोटे भाई ने नोटिस किया था और मजाकिया अंदाज में इसका नाम 'ट्रंप' रख दिया था, जो बाद में पूरे देश में वायरल हो गया।

    सुरक्षा कारणों और राजनीतिक तनाव से बचने के लिए लिया फैसला

    भैंसे की वायरल वीडियो सामने आने के बाद फार्म पर उसे देखने के लिए हजारों लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के आदेश के बाद सरकार ने खरीदार के पूरे पैसे लौटा दिए और भैंसे को सरकारी संरक्षण में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक जनहित और सुरक्षा चिंताओं की वजह से यह कदम उठाया गया है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर किसी जानवर की कुर्बानी देकर कोई अनावश्यक कूटनीतिक या सामाजिक तनाव नहीं चाहती थी।

    जानिए क्यों बेहद खास होते हैं एल्बिनो भैंसे?

    बांग्लादेश में एल्बिनो भैंसे मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि वहां अमूमन काले या गहरे ग्रे रंग के भैंसे ही पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एल्बिनिज्म एक दुर्लभ जेनेटिक (आनुवंशिक) स्थिति है, जिसमें शरीर के भीतर 'मेलानिन' नाम का पिगमेंट नहीं बनता। इसी वजह से जानवर की त्वचा का रंग हल्का, बाल सुनहरे या सफेद और नाक गुलाबी हो जाती है। अपनी इसी खासियत और शांत स्वभाव के कारण यह भैंसा आकर्षण का केंद्र बना हुआ था, जो अब चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों का मनोरंजन करेगा।

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