राजस्थान के युवाओं और किसानों के लिए राहत—कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर को राज्य सरकार ने ड्रोन पायलट प्रशिक्षण पर 50% या ₹35,000 तक का अनुदान स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय देगा 10% अतिरिक्त छूट। अब डिजिटल खेती की ओर बड़ा कदम।
कम खर्च में ड्रोन पायलट बनने का सुनहरा अवसर: कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर बना प्रदेश का पहला अनुदानित प्रशिक्षण केन्द्र
मिशनसच न्यूज, जोधपुर। राजस्थान के युवाओं और किसानों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। अब वे कम खर्च में ड्रोन पायलट बनने का सपना पूरा कर सकेंगे। कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर को राज्य सरकार की ओर से ड्रोन पायलट प्रशिक्षण पर 50% या अधिकतम ₹35,000 तक का अनुदान स्वीकृत हुआ है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने भी इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को 10% अतिरिक्त छूट देने की घोषणा की है। इससे प्रदेश में डिजिटल खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान आधुनिक तकनीक से सशक्त बन सकेंगे।
राज्य सरकार की ओर से यह अनुदान केवल उसी संस्थान के लिए स्वीकृत किया गया है जिसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा ड्रोन पायलट प्रशिक्षण की मान्यता प्राप्त है। गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में यह मान्यता सिर्फ कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर को प्राप्त है। इसी वजह से अब यह संस्थान राजस्थान का पहला और एकमात्र अनुदानित ड्रोन प्रशिक्षण केन्द्र बन गया है।
कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही मांग – कुलगुरु प्रो. जैतावत
कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. वी.एस. जैतावत ने बताया कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की मांग तेजी से बढ़ रही है। फसलों के सर्वे, कीट प्रबंधन, खाद-दवा छिड़काव और उत्पादन बढ़ाने में ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में दक्ष ड्रोन पायलटों की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा— “ड्रोन पायलट प्रशिक्षण की उच्च फीस के कारण कई किसान प्रशिक्षण लेने में असमर्थ थे। लेकिन अब राज्य सरकार और विश्वविद्यालय की ओर से दी जा रही छूट के बाद यह प्रशिक्षण सभी के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इससे विश्वविद्यालय की साख में भी वृद्धि होगी और प्रदेश में डिजिटल खेती को नई गति मिलेगी।”
DGCA मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण पर ही अनुदान देने की शर्त के कारण यह विशेष लाभ केवल कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के प्रशिक्षणार्थियों को ही प्राप्त होगा।
विश्वविद्यालय से मिलेगी 10% अतिरिक्त छूट – डॉ. प्रदीप पगारिया
किसान कौशल विकास केंद्र में संचालित ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्रोजेक्ट के समन्वयक डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि—
7 दिवसीय प्रशिक्षण शुल्क: ₹50,000 (जीएसटी अतिरिक्त)
15 दिवसीय प्रशिक्षण शुल्क: ₹65,000 (जीएसटी अतिरिक्त)
इनमें अब राज्य सरकार 50% अथवा अधिकतम ₹35,000 तक का अनुदान देगी।
साथ ही विश्वविद्यालय अपनी ओर से 10% अतिरिक्त छूट प्रदान करेगा।
डॉ. पगारिया के अनुसार अब तक 5 बैच सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। प्रशिक्षण में प्रवेश “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर मिलता है। प्रशिक्षण DGCA प्रमाणित दक्ष पायलटों द्वारा दिया जाता है जिससे शिक्षार्थी व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
इस तरह करें आवेदन
ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के लिए आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है—
आवेदक को जन आधार नंबर से राज किसान साथी पोर्टल या राज किसान सुविधा ऐप पर आवेदन करना होगा।
आवेदन के समय दसवीं कक्षा या समकक्ष की अंक तालिका अपलोड करनी होगी।
आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है।
ऑनलाइन मॉड्यूल शुरू होने तक ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे, जिन्हें ऑफलाइन प्रक्रिया से प्रशिक्षण के लिए शामिल किया जाएगा।
प्रत्येक जिले से अधिकतम 10 प्रशिक्षणार्थियों को अनुदान मिलेगा।
युवाओं और किसानों के लिए बड़ा अवसर
राजस्थान में पहली बार किसी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय ने ड्रोन प्रशिक्षण को अनुदानित बनाया है। यह कदम न केवल डिजिटल कृषि को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।
डॉ. संगीता शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर ने भी इस पहल को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
मिशनसच न्यूज से सीधा जुडने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें। https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1


