More
    Homeराज्यपंजाबसंगठन बचाने की कवायद, जालंधर में AAP का शक्ति प्रदर्शन

    संगठन बचाने की कवायद, जालंधर में AAP का शक्ति प्रदर्शन

    जालंधर। पंजाब की राजनीति में मचे घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। सात राज्यसभा सांसदों के सामूहिक इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने संगठन को बिखरने से बचाने के लिए कमान संभाल ली है।

    "गद्दार" विवाद और स्पीकर का रुख

    बैठक में 'गद्दार' शब्द के प्रयोग पर मचे राजनीतिक बवाल पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान का समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि महज दो विधायकों वाली पार्टी से सात लोगों को राज्यसभा भेजना एक बड़ा सम्मान था। संधवा ने चुनौती दी कि यदि इन नेताओं में साहस है, तो वे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ें।

    संगठन बचाने की जद्दोजहद

    सांसदों की बगावत के बाद अब पार्टी को सत्ता से ज्यादा संगठन टूटने का डर सता रहा है। इसी के मद्देनजर:

    • संजय सिंह और सिसोदिया की भूमिका: संगठन को एकजुट रखने और असंतुष्ट नेताओं से संवाद करने की जिम्मेदारी इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को दी गई है।
    • भीतरघात से बचने के निर्देश: विधायकों और मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई बाहरी शक्ति या पार्टी उन्हें तोड़ने की कोशिश करती है, तो इसकी सूचना तुरंत आलाकमान को दी जाए। कुछ मामलों में नेताओं को बातचीत का रिकॉर्ड रखने तक की सलाह दी गई है।
    • विपक्ष और भाजपा पर हमला
    • बलकार सिद्धू का बयान: विधायक बलकार सिद्धू ने भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अन्य दलों को खत्म करना भाजपा की पुरानी नीति है और जो नेता आज वहां जा रहे हैं, उनका भविष्य अनिश्चित है।
    • 2027 का लक्ष्य: आप नेताओं ने कांग्रेस के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें 50 विधायकों के टूटने की बात कही जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि जनता 2027 में दोबारा 'आप' की सरकार बनाने का मन बना चुकी है।

    प्रशासनिक कड़ाई और कार्यकर्ताओं की सुनवाई

    मुख्यमंत्री भगवंत मान कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने के लिए सीधे संवाद कर रहे हैं। हाल ही में बठिंडा में नशे की शिकायत पर कार्रवाई न होने पर सीएम ने कोटशमीर पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ (11 कर्मचारी) का तबादला मानसा कर दिया। यह संदेश दिया गया है कि सरकार संगठन के साथ-साथ प्रशासन पर भी पकड़ बनाए हुए है। 

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here