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    चुनावी मंथन या डैमेज कंट्रोल? मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच पर जुटेंगे एमपी कांग्रेस के दिग्गज

    भोपाल | कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शनिवार (5 जून) को मध्य प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। खड़गे के दिल्ली स्थित आवास '10, राजाजी मार्ग' पर होने वाली इस मीटिंग में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस उच्च स्तरीय चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के भी मौजूद रहने की संभावना है।

    राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों पर सस्पेंस और मंथन

    हालांकि इस बैठक के एजेंडे को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि आगामी राज्यसभा चुनाव इसका मुख्य केंद्र बिंदु है। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व खाली हो रही सीटों पर उम्मीदवारों के नामों और चुनावी रणनीति को लेकर अंतिम फैसला ले सकता है।

    खाली हो रही सीटों का गणित और बीजेपी की नजर

    मध्य प्रदेश की जिन तीन राज्यसभा सीटों का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें फिलहाल दो भाजपा और एक कांग्रेस (दिग्विजय सिंह) के पास है। इस बार भाजपा की नजर तीनों सीटों को अपने पाले में करने पर है। संख्या बल के हिसाब से भाजपा के पास दो सीटें आसानी से जीतने का बहुमत है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे अन्य विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। दूसरी तरफ, कांग्रेस के पास फिलहाल 63 विधायक हैं। विजयपुर से मुकेश मल्होत्रा और दतिया से राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद कांग्रेस की मुश्किलें थोड़ी बढ़ी हैं। इसके अलावा बीना विधायक निर्मला सप्रे के रुख को लेकर भी पार्टी सतर्क है, जिनकी सदस्यता रद्द करने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहले ही विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन दे चुके हैं।

    कांग्रेस की तरफ से रेस में शामिल संभावित चेहरे

    पार्टी के भीतर राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर कई बड़े नामों को लेकर कयासबाजी का दौर जारी है। इनमें पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम कमलनाथ, मीनाक्षी नटराजन और सज्जन सिंह वर्मा जैसे दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, दिग्विजय सिंह पहले ही दोबारा राज्यसभा जाने की इच्छा से इनकार कर चुके हैं, जबकि सज्जन सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी उन्हें मौका देती है, तो वे चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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