जयपुर। सार्वजनिक निवेश का बेहतर प्रबंधन, परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेश से अधिकतम परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता केंद्र (एसएआरटीटीएसी) द्वारा जयपुर में ‘पब्लिक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट–इंडियन स्टेट्स’ विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सोमवार को शुरुआत हुई।
सार्वजनिक निवेश और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
उद्घाटन सत्र में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि देश में सार्वजनिक परियोजनाओं में बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है। यह जरूरी है कि परियोजनाएं समय पर पूरी हों और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए निवेश का अधिकतम लाभ आमजन और अर्थव्यवस्था को मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं में लगातार निवेश से दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
राइजिंग राजस्थान और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति
मुख्य सचिव ने बताया कि 'राइजिंग राजस्थान' के तहत लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें से करीब 9 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। राजस्थान देश के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा केंद्रों में तेजी से उभर रहा है। भड़ला सौर पार्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे रणनीतिक निवेश आर्थिक विकास को गति देने के साथ ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वित्तीय सुधार और तकनीकी पारदर्शिता
मुख्य सचिव ने जीएसटी सुधारों, साइबर कोषागार के माध्यम से वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और एसएनए-स्पर्श के जरिए वास्तविक समय में भुगतान की दिशा में हुए बदलावों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
एसएआरटीटीएसी की भूमिका और सहयोगात्मक पहल
एसएआरटीटीएसी के निदेशक हेराल्ड फिंगर ने बताया कि यह केंद्र अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), दक्षिण एशिया के सदस्य देशों और विकास साझेदारों की सहयोगात्मक पहल है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की संस्थागत व मानव संसाधन क्षमता को मजबूत करना है। इसमें भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका भी सदस्य देश हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर एसएआरटीटीएसी के रेजिडेंट पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट एडवाइजर स्टीफन टर्नबुल, नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार अनुराग गोयल, विशेष शासन सचिव वित्त (बजट) शिवांगी स्वर्णकार तथा आईएमएफ के वित्तीय मामलों के विभाग के विशेषज्ञ रूई मोंटेइरो एवं मार्टिन डार्सी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


