बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एक अत्यंत क्रूरतापूर्ण हत्या के मामले में स्थानीय न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास यानी उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। इन दोनों दरिंदों ने पुरानी रंजिश और कर्ज के विवाद के चलते एक व्यक्ति को बेहद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था, जिसमें हत्या के बाद उसके शरीर के अंगों को भी क्षत-विक्षत कर दिया गया था। एट्रोसिटी एक्ट के तहत विशेष न्यायाधीश एलडी सोलंकी की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए गुरुवार को उका उर्फ सीताराम और भाया उर्फ भयराम को यह सजा सुनाई।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा
यह सनसनीखेज मामला इस साल 2 जनवरी का है, जब सुभाष नाम के एक शख्स ने पलसूद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सेनानाई गांव का रहने वाला करम सिंह मजदूरी के सिलसिले में दनोद गांव गया था लेकिन काफी देर बाद भी वापस घर नहीं लौटा और उसका फोन भी लगातार बंद आ रहा था। परिजनों और पुलिस द्वारा जब उसकी तलाश की गई, तो छिंदघाटी में स्थित एक पुलिया के नीचे बने पाइप के भीतर से करम सिंह का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसे देखकर हर कोई कांप उठा।
कॉल रिकॉर्ड्स से खुला हत्या का खौफनाक राज
पुलिस ने जब इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए मृतक करम सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली, तो उका उर्फ सीताराम और भाया उर्फ भयराम के साथ उसकी लगातार बातचीत के सुराग मिले। जांच में सामने आया कि मृतक करम सिंह ने इन आरोपियों से 15 हजार रुपये उधार लिए थे। विवाद तब बढ़ा जब आरोपी की पत्नी करम सिंह के पास अपनी कर्ज की रकम मांगने गई, और करम ने उसके साथ छेड़छाड़ कर दी। महिला ने जब यह बात अपने पति को बताई, तो आरोपियों ने गुस्से में आकर करम सिंह को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
दरिंदगी की हदें पार कर उतारा मौत के घाट
साजिश के तहत दोनों आरोपी करम सिंह को बहला-फुसलाकर नहर के किनारे ले गए और उसे बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने चाकू से उसकी दोनों आंखें निकाल लीं और उसका प्राइवेट पार्ट भी काट दिया। इतनी दरिंदगी के बाद भी जब उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने भारी पत्थरों से उसका सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी और किसी को शक न हो इसलिए शव को पुलिया के नीचे पाइप में छिपाकर फरार हो गए। पुलिस ने ठोस सबूतों और पुख्ता गवाहों के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाई।


