More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशगणेश विसर्जन जुलूस में हादसे के बाद उठी DJ बैन की मांग,...

    गणेश विसर्जन जुलूस में हादसे के बाद उठी DJ बैन की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    जबलपुर: मध्य प्रदेश के बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज से 17 वर्षीय छात्रा प्रतीक्षा वर्मा की मौत की घटना के बाद अब जबलपुर में भी डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगी है। नागरिक उपभोक्ता मंच के पदाधिकारियों ने इस संबंध में जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है। मंच का कहना है कि शहर से लेकर गांवों तक तेज धमक के साथ बज रहे डीजे अब केवल ध्वनि प्रदूषण का कारण नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।

    नागरिक उपभोक्ता मंच की कलेक्टर से मांग

    नागरिक उपभोक्ता मंच के संरक्षक डॉ. पी.जी. नाजपांडे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर डीजे के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की। मंच ने तर्क दिया कि पहले यह माना जाता था कि डीजे की तेज आवाज केवल बुजुर्गों के लिए हानिकारक है, लेकिन हालिया घटनाओं से साफ है कि अब यह बच्चों और युवाओं की जान पर भी भारी पड़ रही है।

    • साइलेंस जोन में भी उल्लंघन: मंच ने आरोप लगाया कि जबलपुर में प्रशासन द्वारा कई क्षेत्रों को 'साइलेंस जोन' घोषित किया गया है, इसके बावजूद इन इलाकों में भी भारी ध्वनि प्रदूषण के साथ धड़ल्ले से डीजे बजाए जा रहे हैं।

    • नागपुर मॉडल का उदाहरण: डॉ. नाजपांडे ने प्रशासन को नागपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि वहाँ जिला दंडाधिकारी द्वारा 'नो डीजे अभियान' चलाया गया है, जिसके तहत हाल ही में गणेश विसर्जन पूरी तरह शोर-मुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

    प्रशासन का रुख

    मंच ने मांग की है कि पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की तुरंत एक बैठक बुलाई जानी चाहिए और धार्मिक व अन्य आयोजनों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। नागरिकों की शिकायत और ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here