जयपुर: आगामी त्योहारों के मद्देनजर आमजन को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों पर अधिक खपत वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी रखी जाए और मैदानी स्तर पर जोखिम आधारित जांच तथा त्वरित सैंपलिंग सुनिश्चित की जाए।
ओटीसी दवाओं की गुणवत्ता जांच पर जोर
बैठक के दौरान खाद्य पदार्थों के साथ-साथ बाजार में बिना डॉक्टर की पर्ची के बिकने वाली ओटीसी (ओवर द काउंटर) दवाओं की नियमित सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि यदि कोई दवा निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती है, तो जिम्मेदारी तय करते हुए बिना किसी देरी के कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सैंपल लेने से लेकर अदालत में केस की पैरवी तक पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश दिए।
सोशल मीडिया से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
खाद्य एवं औषधि सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया के जरिए आम जनता को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया। लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान, दवाओं का सही उपयोग, एक्सपायरी डेट चेक करने और आवश्यकता पड़ने पर योग्य चिकित्सक या फार्मासिस्ट से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस उच्चस्तरीय बैठक में आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, औषधि नियंत्रक अजय पाठक और संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


