More
    Homeधर्म-समाजगंगा दशहरा 2026: 800 साल बाद पड़ रहा है ऐसा दुर्लभ संयोग,...

    गंगा दशहरा 2026: 800 साल बाद पड़ रहा है ऐसा दुर्लभ संयोग, सासू-मां को कराएं गंगा स्नान, बदल सकती है किस्मत

    इस साल गंगा दशहरा 26 मई को उदया तिथि में मनाया जाएगा. ज्योतिषीय दृष्टि से इसे बेहद खास माना जा रहा है. पटना के ज्योतिषाचार्य पंडित ओम तिवारी के अनुसार करीब 800 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जब गंगा दशहरा हस्त नक्षत्र में पड़ रहा है. धार्मिक मान्यता है कि इसी नक्षत्र में पहली बार मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. ऐसे में इस बार का गंगा दशहरा विशेष पुण्यदायी और फलदायी माना जा रहा है.
    सास को गंगा स्नान करवाना पुण्यदायी
    पंडित ओम तिवारी बताते हैं कि इस शुभ अवसर पर अगर बहू अपनी सास को गंगा स्नान कराती है, तो घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है. मान्यता है कि इससे पारिवारिक रिश्तों में मिठास बढ़ती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने कहा कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं और जीवन में उन्नति के रास्ते खुलते हैं.
    जा सकते हों तो जरूर जाएं
    उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है. जो लोग गंगा तट या किसी पवित्र नदी के किनारे जाकर स्नान कर सकते हैं, उन्हें अवश्य स्नान करना चाहिए. वहीं, जो लोग किसी कारणवश नदी तक नहीं पहुंच पाते, वे घर में स्नान करते समय श्रद्धा से मां गंगा का स्मरण करें. शास्त्रों में कहा गया है कि सच्चे मन से स्मरण करने मात्र से भी गंगा स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है.

    इस विधि से करें पूजा
    पंडित ओम तिवारी के अनुसार, इस दिन मां गंगा की विधिवत पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान मां गंगा को पुष्प अर्पित करें, दूध चढ़ाएं और दीपक जलाएं. साथ ही अगरबत्ती दिखाकर श्रद्धा से आराधना करें. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से शारीरिक, मानसिक, वाचिक और कायिक सहित 10 प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है.
    उन्होंने बताया कि पूजा के समय “ॐ गंगे च गोदावरी सरस्वती, नर्मदे सिंधु कावेरी…” मंत्र का स्मरण करते हुए मां गंगा को प्रणाम करना चाहिए. इसके बाद श्रद्धा भाव से जल, पुष्प और दूध अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.
    घर में आएगी खुशहाली
    ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, गंगा दशहरा पर माता-पिता, सास-ससुर को सम्मान देना भी अत्यंत शुभ माना गया है. अगर इस दिन अपनी मां, सास, पिता या ससुर को गंगा स्नान कराया जाए या उन्हें वस्त्र, आभूषण या कोई उपहार भेंट किया जाए, तो विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. धार्मिक मान्यता है कि बुजुर्गों का आशीर्वाद जीवन में तरक्की और खुशहाली लेकर आता है.
    इस बार गंगा दशहरा का यह दुर्लभ संयोग श्रद्धालुओं के लिए आस्था, सेवा और पारिवारिक प्रेम का विशेष अवसर माना जा रहा है. खासकर परिवार के बुजुर्गों के सम्मान और मां गंगा की आराधना को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here