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    गैस सिलेंडर की कीमतों में ‘आग’, पाकिस्तान में भारत से तीन गुना महंगा

    Pakistan LPG Crisis: पाकिस्तान में आर्थिक तंगी और पश्चिम एशिया के तनाव ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। (LPG Price Hike) पाकिस्तान में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल (Energy Crisis) दर्ज किया गया है, जिसके कारण घरेलू गैस सिलेंडर की दरें आसमान छू रही हैं। (Inflation in Pakistan) पड़ोसी मुल्क के सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वहां ईंधन का भंडार (Petroleum Stocks) अब कुछ ही दिनों का बचा है। (Global Supply Chain) इस संकट ने पाकिस्तान के निम्न और मध्यमवर्गी परिवारों के सामने जीवन-यापन की एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
     

    पाकिस्तान में गैस की कीमतों का तांडव (Huge Price Surge)

    पाकिस्तान के विभिन्न शहरों, विशेषकर पंजाब प्रांत में एलपीजी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वहां 11.67 किलोग्राम का एक घरेलू सिलेंडर अब 3,900 रुपये से लेकर 5,135 पाकिस्तानी रुपये के बीच बिक रहा है। इससे पहले इसकी कीमत करीब 3,150 रुपये के आसपास थी। कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर भी पड़ा है, जिससे रिक्शा और बसों के किरायों में भारी इजाफा हुआ है। ईरान से होने वाली गैस आपूर्ति में कमी और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता ने इस आग में घी डालने का काम किया है।

    अगर हम भारत और पाकिस्तान में गैस की कीमतों की तुलना करें, तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 14.2 किलोग्राम का होता है, जिसकी कीमत दिल्ली में लगभग 913 रुपये (भारतीय रुपया) है। वहीं पाकिस्तान में सिलेंडर का वजन भारत से करीब 2.5 किलो कम (11.67 किलो) होने के बावजूद उसकी कीमत वहां की मुद्रा के हिसाब से 5,000 के पार पहुंच रही है। भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और मजबूत रिफाइनरी नेटवर्क के कारण भारतीय उपभोक्ताओं पर पाकिस्तान की तुलना में बहुत कम बोझ पड़ रहा है।

    पाकिस्तान में गहराता ऊर्जा और गैस संकट (Impending Gas Crisis)
    पाकिस्तान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रेल के बाद देश में गैस की भारी किल्लत हो सकती है। आयातित एलएनजी (LNG) के आठ जहाजों में से केवल दो ही पाकिस्तान पहुंच पाए हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है। देश के पास कच्चे तेल का स्टॉक भी केवल 11 दिनों के लिए ही शेष है। पाकिस्तान अब ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल लाने के लिए बातचीत कर रहा है, ताकि ऊर्जा सुरक्षा को कुछ हद तक बहाल किया जा सके।
     

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