कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार पर जुबानी हमला किया । उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि देशभर में भाजपा का शासन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है और तथाकथित डबल इंजन सरकार का नारा महज एक जुमला बनकर रह गया है। जनता को न राहत मिली, न विकास दिखा। उनके इस आक्रामक रुख ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
अंतिम फैसला जनता का होता है
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों पर सीधा बयान देते हुए डोटासरा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव हर हाल में होंगे और कोई भी ताकत उन्हें रोकने में सक्षम नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी में दम है तो चुनाव प्रक्रिया को बाधित करके दिखाए। टीएमसी के जीत के दावों पर उन्होंने कहा कि चुनाव में अंतिम फैसला हमेशा जनता का होता है और जिसे ज्यादा वोट मिलेंगे, जीत उसी की होगी।
डोटासरा ने सरकार को घेरा
महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर डोटासरा ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि आम आदमी महंगाई की दोहरी मार से कराह रहा है। रसोई गैस जैसी बुनियादी ज़रूरत तक आसानी से नहीं मिल पा रही और रोज़गार के दरवाज़े लगातार बंद होते जा रहे हैं। इससे युवाओं में घोर निराशा पैदा हो रही है। सड़कों की बदहाली का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जगह-जगह सड़कें उधड़ी पड़ी हैं और अधूरे निर्माण कार्यों की वजह से आमजन को रोजाना भारी कठिनाई झेलनी पड़ रही है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं
शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए डोटासरा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हज़ारों पद खाली पड़े हैं। जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और कई छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख कमज़ोर पड़ती दिख रही है और अमेरिका के सामने देश झुकता नज़र आ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। पंचायत चुनावों को लेकर भी उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार जनादेश के डर से चुनाव टाल रही है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही चुनाव होंगे, जनता का असली मन सामने आ जाएगा और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर, संजय यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


