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    गुरुग्राम में फिर फंसा पेंच: मेयर की तबीयत बिगड़ने से दूसरी बार टला सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव

    गुरुग्राम: साइबर सिटी के नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए होने वाला बहुप्रतीक्षित चुनाव वीरवार को एक बार फिर नाटकीय रूप से टल गया। सवा साल के लंबे अंतराल और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े हस्तक्षेप के बाद उम्मीद थी कि आज शहर को नए डिप्टी मेयर मिल जाएंगे, लेकिन ऐन वक्त पर मेयर राजरानी मल्होत्रा के अस्वस्थ होने के चलते बैठक रद्द करनी पड़ी। हिपा (HIPA) के कॉन्फ्रेंस हॉल में सुबह 11 बजे पार्षदों और निगम आयुक्त की मौजूदगी के बावजूद चुनावी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    मेयर की अनुपस्थिति और 'स्वास्थ्य' का पेंच

    निर्धारित समय के अनुसार निगम के 36 पार्षद और उच्चाधिकारी चुनाव स्थल पर पहुँच चुके थे, लेकिन बैठक की अध्यक्षता करने वाली मेयर की तबीयत बिगड़ने की सूचना ने पूरी प्रक्रिया पर पानी फेर दिया। आधिकारिक नोटिस और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच प्रशासन को एक बार फिर चुनाव टालने का निर्णय लेना पड़ा। जानकारों का मानना है कि यह स्थगन केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर चल रही आपसी खींचतान का नतीजा भी हो सकता है, क्योंकि पार्टी अभी तक चेहरों पर सर्वसम्मति नहीं बना पाई है।

    भाजपा के भीतर 'शक्ति प्रदर्शन': राव इंद्रजीत बनाम राव नरबीर

    नगर निगम में भाजपा के पास 24 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है और कई निर्दलीयों का भी समर्थन प्राप्त है, लेकिन असली लड़ाई पार्टी के दो दिग्गज धड़ों के बीच है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का खेमा अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है, तो दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के समर्थक अपने पार्षदों को इन मलाईदार पदों पर आसीन कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में वर्चस्व की यह 'अंदरूनी जंग' विकास कार्यों में बाधा बन रही है, क्योंकि इन पदों के खाली होने से 'फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी' (F&CC) जैसी महत्वपूर्ण समितियां निष्क्रिय पड़ी हैं।

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