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    हनुमान सिंह राठौड़ ने संभाली RBSE की कमान, बोले- NEP लागू करना ही मुख्य लक्ष्य

    अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया है। सोमवार को वह अपने परिजनों के साथ बोर्ड कार्यालय पहुंचे और विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने में बोर्ड की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई नीति के लागू होने के बाद बोर्ड के परीक्षा परिणामों में संख्यात्मक और गुणात्मक दोनों ही स्तरों पर बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करना मुख्य एजेंडा

    नवनियुक्त चेयरमैन हनुमान सिंह राठौड़ ने बोर्ड की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करना उनका सबसे पहला और मूल लक्ष्य है। इसके लिए केवल पाठ्यपुस्तकों में बदलाव करना ही काफी नहीं है, बल्कि शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देना और इस नई व्यवस्था के प्रति सभी का मानस तैयार करना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि अब परीक्षाओं के लिए तैयार होने वाले प्रश्न पत्रों का प्रारूप भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मापदंडों के अनुसार ही तैयार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर देश के अन्य शिक्षा बोर्ड्स के मुकाबले कहीं अधिक बेहतर और प्रतिस्पर्धी बन सके।

    अनुभवी स्टाफ के साथ टीमवर्क पर रहेगा जोर

    बोर्ड के आंतरिक कामकाज और व्यवस्थाओं पर बात करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पास एक बेहद अनुभवी और कार्यकुशल अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम है। चूंकि यहां स्टाफ के बार-बार तबादले नहीं होते हैं, इसलिए हर कर्मचारी बोर्ड की कार्यप्रणाली और बारीकियों से पूरी तरह वाकिफ है। उन्होंने साफ किया कि वह सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर एक टीम की तरह काम करेंगे, जिससे आपसी मतभेद या विवाद की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी और सभी के सामंजस्य से प्रशासनिक कार्यों को गति दी जाएगी।

    विद्यार्थियों की सुविधाओं को बनाएंगे और बेहतर

    विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि बोर्ड का इरादा पुरानी व्यवस्थाओं को पूरी तरह बदलने का नहीं, बल्कि जो बेहतर चल रहा है उसे और उत्कृष्ट बनाने का है। वर्तमान में छात्रों को अपने अंकपत्र या अन्य सामान्य दस्तावेज लेने के लिए मुख्य मुख्यालय तक दौड़ने की जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि जिला और संभाग स्तर पर यह सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। इसके बावजूद यदि किसी विशेष कार्य के लिए छात्रों को बोर्ड कार्यालय आना पड़ता है, तो उनके लिए सुबह रजिस्ट्रेशन और शाम तक दस्तावेज देने की त्वरित व्यवस्था को और सुचारू किया जाएगा। साथ ही, कार्यालय परिसर में उनके बैठने के लिए उचित और आरामदायक प्रबंध किए जाएंगे।

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