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    घर की छत पर रख दिए हैं गमले? बेटियों की प्रोग्रेस, शिक्षा और परिवार की उन्नति तक में आ सकती है परेशानी

    अगर आपने भी अपनी छत को खूबसूरत बनाने के लिए ढेर सारे गमले और पौधे लगा रखे हैं, तो एक बार वास्तु और ज्योतिष की इन मान्यताओं पर जरूर नजर डाल लें. आजकल रूफ गार्डन का चलन तेजी से बढ़ा है. लोग घर की छत को हरियाली से भर रहे हैं, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसे लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं. मान्यता है कि हर दिशा और हर स्थान किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है. ऐसे में यदि बिना दिशा और संख्या का ध्यान रखे पौधे लगाए जाएं, तो इसका असर घर की सकारात्मक ऊर्जा पर पड़ सकता है.

    हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन वास्तु और ज्योतिष में विश्वास रखने वाले लोग इन्हें महत्वपूर्ण मानते हैं. आइए जानते हैं कि छत पर पौधे लगाने को लेकर क्या कहते हैं वास्तु और ग्रहों से जुड़े पारंपरिक नियम.
    छत का संबंध राहु और पौधों का बुध ग्रह से माना जाता है
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार घर की छत का संबंध राहु ग्रह से जोड़ा जाता है, जबकि हरे-भरे पेड़-पौधों का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है. बुध बुद्धि, शिक्षा, संवाद और हरियाली का कारक ग्रह माना जाता है. वहीं राहु अचानक बदलाव, भ्रम और अप्रत्याशित परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करता है. मान्यता है कि जब राहु के स्थान पर अत्यधिक संख्या में बुध के कारक पौधे रख दिए जाते हैं, तो दोनों ग्रहों के बीच ऊर्जा का असंतुलन बनने लगता है, जिसका असर घर के वातावरण पर पड़ सकता है.

    छत पर कितने पौधे रखना शुभ माना जाता है?
    वास्तु और ज्योतिष के अनुसार यदि छत पर पौधे रखना जरूरी हो, तो बहुत अधिक संख्या में गमले नहीं रखने चाहिए. छोटे आकार के सीमित पौधे रखना बेहतर माना जाता है. इससे हरियाली भी बनी रहती है और वास्तु संतुलन भी प्रभावित नहीं होता. कई लोग पूरी छत को गार्डन में बदल देते हैं, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं में इसे उचित नहीं माना गया है.
    पश्चिम दिशा में रखें छोटे गमले
    मान्यता है कि यदि छत पर पौधे लगाने हों, तो उन्हें पश्चिम दिशा की दीवार के पास व्यवस्थित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव कम होने की बात कही जाती है. वहीं पौधों को बिखरे हुए या चारों दिशाओं में फैलाकर रखने से वास्तु दोष बढ़ने की आशंका बताई जाती है.

    उत्तर और पूर्व दिशा में क्यों नहीं रखने चाहिए ज्यादा पौधे?
    ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार छत की उत्तर और पूर्व दिशा को हल्का एवं खुला रखना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन दिशाओं में भारी गमले या अधिक संख्या में पौधे रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है. पारंपरिक विश्वास के अनुसार इसका असर परिवार की बेटियों की शिक्षा, करियर और प्रगति पर भी पड़ सकता है. इसके अलावा परिवार की आर्थिक उन्नति और नए अवसरों में भी बाधा आने की बात कही जाती है.
    रूफ गार्डन बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान
    यदि आप बागवानी के शौकीन हैं और छत पर गार्डन बनाना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि केवल जरूरत के अनुसार ही पौधे रखें. बड़े और भारी पेड़ों की बजाय छोटे सजावटी या औषधीय पौधों को प्राथमिकता दें. गमलों की नियमित सफाई करें और सूखे या मुरझाए पौधों को लंबे समय तक छत पर न रखें. वास्तु मान्यताओं के अनुसार साफ-सुथरी और संतुलित छत सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक मानी जाती है.

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