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    अरे ये क्या हुआ…..पीएम मोदी से बंद कमरे में शशि थरुर की मुलाकात, फिर सीधे रुस रवाना 

    मोदी सरकार ने फिर थरुर को किसी विशेष काम से मॉस्को भेजा 

    नई दिल्ली। इनदिनों कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रहे शशि थरूर मॉस्को पहुंचे हैं और अचानक ये सबकुछ हुआ है। एक घंटे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मीटिंग होती है और फिर थरूर अचानक मॉस्को के लिए रवाना होते हैं। उन्होंने मॉस्को में बड़े बड़े नेताओं से मुलाकातों का दौर भी शुरू कर दिया है। अब इसके बाद में चर्चा तेज हो चली है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक ये कौन सी जिम्मेदारी देकर कांग्रेस नेता थरुर को रूस भेज दिया। इसके पहले पीएम मोदी ने थरूर को ऑपरेशन सिंदूर के डेलीगेशन में भेजा था। लेकिन फिर से थरूर को रूस भेजा है। ये सबकुछ इतना भी सरल नहीं लग रहा है।
    दरअसल गौर करने वाली बात है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता थरूर को अचानक पीएम मोदी बुलाते हैं। फिर बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच कुछ बात होती है। इस मुलाकात के दौरान तीसरे किसी शख्स की मौजूदगी नहीं होती है। फिर पीएम मोदी की ओर से निर्देश मिलता हैं, कि आप तुरंत ही रूस के लिए फ्लाइट पकड़ लो। 
    पीएमओ से निकलकर कांग्रेस नेता थरुर थोड़ी देर के लिए अपने घर गए और उसके बाद फ्लाइट पकड़ कर मॉस्को निकल गए। मॉस्को पहुंच उन्होंने सबसे पहले एंड्री डेनिसोव से मुलाकात की है। एंड्री डेनिसोव संयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के एंबेसडर हैं। इससे पहले वे चीन में एंबेसडर रह चुके हैं। 
    चीन के साथ इनके बेहतर संबंध हैं। आप देख सकते हैं कि चीन में ही अभी एससीओ की बैठक जारी है, जिसमें अजित डोभाल और राजनाथ सिंह मौजूद हैं। सारा कुछ एससीओ की बैठक को लेकर हो रहा है। कुछ अंदर ही अंदर खिचड़ी पक रही है। भारत, चीन और रूस आपस में कुछ तय कर रहे हैं। ये मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि इस बार की एससीओ की बैठक का चेयरमैनशिप रूस के पास है। जिस तरह से शशि थरूर विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव या चीन और संयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के एंबेसडर से मुलाकात हुई है। ये बहुत हाई प्रोफाइल मीटिंग है। पहले से प्लानिंग के बिना ये हो नहीं सकता था। 
    अब सवाल उठ रहा है अगर किसी महत्वपूर्ण मामले को लेकर योजना हो रही है, तब फिर शशि थरूर को ही क्यों चुना गया। मोदी सरकार के पास और भी बहुत सारे लोग हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर को भेजा जा सकता था। डोभाल की वांग यी से उनकी मुलाकात में ऐसा क्या हुआ कि वहां से पीएम मोदी को मैसेज आया। फिर पीएम मोदी ने थरूर को बुलाकर एक घंटे में सारी ब्रीफिंग के बाद मॉस्को भेज दिया। 

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