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    10 साल से लाचार बेटे के लिए जगी उम्मीद, मुख्यमंत्री ने खुद फोन कर जाना परिवार का दर्द

    रायपुर: सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भावुक वीडियो के माध्यम से देवपुर निवासी 29 वर्षीय युवक शशिकांत भरत की गंभीर शारीरिक स्थिति की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तुरंत संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को शशिकांत से सीधे दूरभाष पर संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित युवक को उच्च स्तरीय और बेहतर इलाज के लिए शासन की ओर से हर संभव चिकित्सीय सहायता प्रदान करने का ठोस आश्वासन दिया है।

    वर्ष 2016 में हुए भीषण सड़क हादसे ने बदला जीवन

    मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान शशिकांत भरत ने बताया कि वे भटगांव स्थित आईटीआई में अध्ययनरत थे। 11 नवंबर 2016 की शाम धमतरी से वापसी के दौरान दुगली गांव के समीप वे एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इस हादसे में उन्हें गर्दन और रीढ़ की हड्डी (सर्वाइकल) में गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनके हाथ और पैरों ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया।

    50 दिनों तक कोमा में रहे, दैनिक कार्यों के लिए भी मां पर निर्भर

    शशिकांत ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दुर्घटना के उपरांत वे लगभग 50 दिनों तक अचेत (कोमा) अवस्था में रहे। वर्तमान में उनकी स्थिति यह है कि वे बिना सहायता के उठने, बैठने या चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। दैनिक नित्यक्रियाओं के लिए भी वे अपनी बुजुर्ग मां पर ही निर्भर हैं और अधिकांश समय उन्हें बिस्तर पर ही व्यतीत करना पड़ता है।

    विभिन्न बड़े अस्पतालों में इलाज के बाद भी नहीं मिला अपेक्षित सुधार

    पीड़ित परिवार के अनुसार, शशिकांत का इलाज धमतरी, रायपुर और राज्य के बाहर स्थित कई बड़े चिकित्सा संस्थानों में कराया जा चुका है। उपचार में जमा-पूंजी और भारी धनराशि खर्च होने के बावजूद उनकी शारीरिक स्थिति में कोई खास सुधार दर्ज नहीं हो सका है। इसी वजह से शशिकांत ने मुख्यमंत्री से आगे के इलाज के लिए शासकीय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।

    मुख्यमंत्री के आश्वासन से जगी उम्मीद, जिला प्रशासन को दिए गए निर्देश

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ पीड़ित की बात सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके इलाज में कोई कमी नहीं आने देगी। मुख्यमंत्री की इस मानवीय पहल से शशिकांत और उनके परिजनों में नए सिरे से स्वास्थ्य लाभ की आशा जगी है। प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन को भी आवश्यक समन्वय स्थापित कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शशिकांत ने इस संवेदनशीलता के लिए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार प्रकट किया।

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