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    तेज पिचों पर कैसे बनेगा भारत की जीत का रास्ता? न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती

    न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण और तेज गेंदबाजों के अनुकूल पिचों पर आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेलने के लिए पहुँची भारतीय क्रिकेट टीम के समक्ष केवल मेजबान टीम को परास्त करने की ही नहीं, बल्कि वहां के ठंडे मौसम और कठिन परिस्थितियों के साथ कम समय में बेहतर तालमेल बिठाने की भी बड़ी चुनौती है। अफगानिस्तान तथा वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं और एशियाई खेलों में लगातार व्यस्त रहने के बाद भारतीय दल सीधे कीवी धरती पर उतरा है। क्रिकेट के इस मैराथन और व्यस्त कार्यक्रम के कारण खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक थकान की चर्चाओं के बीच कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया है कि टीम किसी भी तरह के बहाने तलाशने के बजाय केवल और केवल मैदान पर जीत हासिल करने की सुनियोजित रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद बहानों से दूर जीत की रणनीति

    विगत एक माह के भीतर देश-विदेश में लगातार क्रिकेट मुकाबले खेलने के बाद अब न्यूजीलैंड की विशिष्ट परिस्थितियों में खुद को ढालना भारतीय टीम के लिए बेहद आवश्यक है। इस संबंध में कप्तान श्रेयस अय्यर का मानना है कि पेशेवर क्रिकेटर्स के लिए लगातार यात्रा करना और नई पिचों पर खेलना खेल का एक स्वाभाविक हिस्सा और शानदार अनुभव है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि टीम इससे पूर्व भी इस प्रकार के कड़े दौर से सफलतापूर्वक गुजर चुकी है, जैसे अफगानिस्तान दौरा समाप्त होते ही वे आयरलैंड गए थे। कप्तान ने दो टूक शब्दों में कहा कि ड्रेसिंग रूम में इस बात पर बिल्कुल चर्चा नहीं हो रही है कि कार्यक्रम कितना व्यस्त है, बल्कि पूरा ध्यान इस बात पर है कि मैच जीतने के लिए हमारी तकनीकी और सामरिक योजना क्या होनी चाहिए।

    तेज पिचों से तालमेल और घरेलू परिस्थितियों का कीवी फायदा

    भारत की घरेलू पिचों के मुकाबले न्यूजीलैंड की पिचें पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करती हैं, जिसके चलते भारतीय बल्लेबाजों को अपनी तकनीक में हल्का बदलाव करना होगा। कप्तान अय्यर ने स्वीकार किया कि हालांकि कीवी पिचों पर सीम और बाउंस अधिक होता है, फिर भी यह पूरी तरह से कोई अनजान चुनौती नहीं है क्योंकि इससे पहले इंग्लैंड दौरे पर भी इस तरह की परिस्थितियों का सामना किया जा चुका है। उन्होंने यह भी माना कि घरेलू परिस्थितियों से भली-भांति वाकिफ होने के कारण मेजबान न्यूजीलैंड टीम को थोड़ा मानसिक लाभ जरूर मिलेगा क्योंकि उनके खिलाड़ियों को स्थानीय मैदानों के मिजाज की गहरी समझ है। इसके बावजूद, भारतीय खेमे में मौजूद गजब का आपसी तालमेल और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ टीम की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।

    बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन और ईशान किशन का प्रदर्शन

    अपनी खुद की बल्लेबाजी पोजीशन के बारे में बात करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिया कि फिलहाल वह अपने क्रम को ऊपर लाने पर विचार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन तीसरे नंबर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले मुकाबलों और विश्व कप के दौरान किशन ने इस स्थान पर अपनी उपयोगिता साबित की है, जबकि अय्यर स्वयं आमतौर पर चौथे और पांचवें नंबर पर पारी को संभालते आए हैं। कप्तान का मानना है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में टीम की आवश्यकता और मैच की परिस्थितियों के अनुसार किसी भी बल्लेबाज को लचीला रुख अपनाना चाहिए। निचले क्रम में भी कई ऐसे विस्फोटक खिलाड़ी मौजूद हैं जो आते ही रन गति तेज कर सकते हैं, इसलिए मैदान पर उतरते समय व्यक्तिगत आंकड़े नहीं बल्कि टीम की जीत सर्वोपरि होती है।

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