भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) मुख्यालय में वीरवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बोर्ड प्रशासन द्वारा 'हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा' (HTET) 2024 के रिकॉर्ड को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस कदम का बोर्ड के कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद कार्यालय परिसर हंगामे और नारेबाजी के अखाड़े में तब्दील हो गया। कर्मचारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए तुरंत प्रभाव से हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे बोर्ड का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
रिकॉर्ड नष्ट करने की मंशा पर उठे सवाल, जांच प्रभावित होने का डर
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि HTET 2024 की परीक्षा और परिणामों को लेकर पहले से ही कई विवाद चल रहे हैं, ऐसे में रिकॉर्ड को इतनी जल्दी नष्ट करना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। कर्मचारियों का तर्क है कि नियमानुसार किसी भी परीक्षा का रिकॉर्ड एक निश्चित समय तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है, लेकिन बोर्ड प्रशासन इसे जल्दबाजी में ठिकाने लगाना चाहता है। विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कहा कि यदि यह रिकॉर्ड नष्ट हो गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी कानूनी जांच या आरटीआई (RTI) प्रक्रिया का कोई आधार नहीं बचेगा।
बोर्ड प्रशासन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध बरकरार
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में सफाई देते हुए इसे एक नियमित प्रक्रिया (Routine Process) बताया है, लेकिन कर्मचारियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बोर्ड की कई महत्वपूर्ण शाखाओं में ताले लटक गए हैं, जिससे दूर-दराज से आए छात्रों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक रिकॉर्ड नष्ट करने का फैसला वापस नहीं लिया जाता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका धरना और काम रोको आंदोलन जारी रहेगा।


