More
    Homeराजनीति‘सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित नहीं तो बड़ी योजनाओं का क्या मतलब’, जमुई...

    ‘सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित नहीं तो बड़ी योजनाओं का क्या मतलब’, जमुई मामले पर प्रियंका

    नई दिल्ली। बिहार के जमुई में दो नाबालिगों के साथ हुई कथित छेड़छाड़ और मारपीट की घटना पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ते अपराध बेहद भयावह हैं और सरकारों की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

    प्रियंका और राहुल गांधी ने जताई चिंता

    प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि हम सड़कों पर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में असफल रहते हैं, तो बड़ी-बड़ी योजनाओं और विकास के दावों का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि वे महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करें। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार पुलिस से पूरी रिपोर्ट मांगी है।

    क्या है पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई

    यह पूरा मामला 19 सितंबर की शाम का है, जब दो नाबालिग छात्राएं कोचिंग से अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने उन्हें रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया।

    घटना के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और पॉक्सो एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है। इसके अलावा, नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here