रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है, जिससे मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आ रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों के डेरा डालने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है, जिसने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और चिपचिपी उमस से बड़ी राहत दी है। रायपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए इस समय बेहद अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिसके चलते आगामी दिनों में वर्षा की रफ्तार और अधिक तेज होने के आसार हैं। ऐसे में यदि आप आगामी दिनों में कहीं बाहर जाने या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम के इस बदलते तेवर को ध्यान में रखकर ही अपनी तैयारियां पूरी करें।
आगामी पांच दिनों तक आंधी और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मानसूनी तंत्र पूरी तरह एक्टिव रहेगा, जिससे राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। इस दौरान विभाग ने कुछ संवेदनशील इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इसके साथ ही, 21 और 22 जून को प्रदेश के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों में भी जल्द पहुंचेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ के उन बचे हुए इलाकों को भी कवर कर लेगा, जहां अब तक इसका आगमन नहीं हुआ है। इसके प्रभाव से पूरे सूबे में मानसूनी बारिश के दायरे और तीव्रता में काफी इजाफा देखने को मिलेगा। बीते कुछ दिनों से थमी हुई मानसूनी हवाओं को अब दोबारा रफ्तार मिल रही है, जिससे जून के उत्तरार्ध में राज्य के नदी-तालाबों और कृषि क्षेत्रों को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आज के मौसम का हाल और तापमान में गिरावट
आज यानी 19 जून शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के कई महत्वपूर्ण जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। दिन के बढ़ने के साथ ही बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ बौछारें पड़ने का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि आज से राज्य के अधिकतम तापमान में साफ तौर पर कमी दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कई दिनों से उमस झेल रहे आम जनजीवन को काफी सुकून मिलेगा और ठंडी हवाओं के चलने से वातावरण में तरावट आएगी।


