More
    Homeदुनियारेड सी में हूती हमलों का असर, समुद्री व्यापार पर बढ़ा खतरा

    रेड सी में हूती हमलों का असर, समुद्री व्यापार पर बढ़ा खतरा

    वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के मध्य भीषण सैन्य संघर्ष लगातार 10वें दिन भी गंभीर रूप से जारी है। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के तटीय क्षेत्रों में स्थित कई ठिकानों—चाबहार, कोनारक, सिरिक, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप पर जोरदार बमबारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई पर बयान देते हुए तेहरान को चेतावनी दी कि तीन अमेरिकी सैनिकों के बलिदान की कीमत ईरान को हर हाल में चुकानी होगी और अमेरिका अपने ऊपर होने वाले हर वार का जवाब बेहद सख्ती से देगा।

    ईरान की जवाबी कार्रवाई और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकाने पर हमला

    दूसरी तरफ, ईरानी सेना ने भी हार न मानते हुए जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे 'कैंप अरिफजान' की मिसाइल डिफेंस प्रणाली को निशाना बनाने का दावा किया है। इस भीषण गोलाबारी और हमलों के बीच दोनों देशों के बीच टकराव और अधिक भयावह रूप ले चुका है।

    ओमान तट पर तेल टैंकर निशाना, हूतियों ने दी नाकेबंदी की धमकी

    इसी दौरान, ओमान के समुद्री तट के निकट एक अन्य क्रूड ऑयल टैंकर पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात तब और बिगड़ गए जब ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के विरुद्ध समुद्री घेराबंदी की घोषणा कर दी। हूतियों ने चेतावनी दी है कि वे लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों का मार्ग अवरुद्ध करेंगे, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाज़ार, कच्चा तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों में भारी हड़कंप मच गया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here