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    तलाशी के नाम पर छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला, हंगामे के बाद कार्रवाई

    सवाई माधोपुर:सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी उपखंड क्षेत्र के बामनवास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लिवाली से एक बेहद संवेदनशील और विचलित करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ स्कूल की एक अध्यापिका के पाँच सौ रुपये खो जाने के बाद संदेह के आधार पर कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं की छात्राओं की जबरन तलाशी ली गई। आरोप है कि तलाशी के नाम पर छात्राओं को एक कमरे में ले जाकर उनके कपड़े उतरवाए गए, जिससे वे गहरे मानसिक आघात में चली गईं। स्कूल से छुट्टी होने के बाद जब पीड़ित छात्राओं ने घर पहुंचकर इस अमानवीय घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला, पुलिस और शिक्षा विभाग मौके पर

    इस शर्मनाक घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित छात्राओं के अभिभावकों सहित सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वे भारी संख्या में विद्यालय परिसर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। माहौल गरमाता देख बामनवास की कार्यवाहक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मीणा और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर समझाइश कर भीड़ को शांत कराया, पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की।

    आरोपी शिक्षिका तत्काल प्रभाव से निलंबित, अनुदेशक को किया गया कार्यमुक्त

    मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। घटना की मुख्य आरोपी वरिष्ठ अध्यापिका (हिंदी) सरस्वती मीणा को तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, राजाखेड़ा (धौलपुर) तय किया गया है। इसके साथ ही, मामले में सह-आरोपी व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा की सेवाओं को समाप्त करते हुए उन्हें उनकी मूल सेवा प्रदाता कंपनी के लिए तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया है।

    राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत विभागीय जांच शुरू, पुलिस भी कर रही पड़ताल

    स्कूल शिक्षा विभाग भरतपुर संभाग के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), सवाई माधोपुर की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षिका के विरुद्ध सख्त विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यह पूरी दंडात्मक कार्रवाई राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम-13 के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत जांच प्रक्रिया पूरी होने तक नियमों के अनुसार विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी। विभागीय स्तर पर चल रही जांच के समांतर ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी इस मामले में कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक साक्ष्यों और बयानों की गहनता से पड़ताल कर रहा है।

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