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    IND vs AFG: गुरनूर बरार की सफलता की कहानी, जानिए किन लोगों ने निभाई अहम भूमिका

    अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही एकदिवसीय (वनडे) श्रृंखला से अंतरराष्ट्रीय 50 ओवर के प्रारूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। अपनी शानदार सफलता पर बात करते हुए बरार ने खुलासा किया है कि किस तरह उन्होंने खुद को वैश्विक स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया। पंजाब से ताल्लुक रखने वाले इस युवा पेसर ने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय घरेलू क्रिकेट में सालों की गई कड़ी मेहनत और 'भारत ए' की तरफ से खेलने के मिले बेहतरीन मौकों को दिया है। इस नवोदित गेंदबाज ने अपनी रफ्तार और सटीक नियंत्रण से दिग्गजों को खासा प्रभावित किया है।

    शुरुआती मैचों में ही बरार की रफ्तार और सटीक यॉर्कर का दिखा जलवा

    महज 20 साल के इस युवा तेज गेंदबाज ने मौजूदा श्रृंखला में अब तक असाधारण खेल दिखाया है। उन्होंने पिच से मिलने वाली अतिरिक्त उछाल, तेज गति और डेथ ओवरों के दबाव में सटीक यॉर्कर फेंकने की अपनी काबिलियत से विरोधी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। बरार ने शुरुआती दोनों मुकाबलों में कुल 15.5 ओवरों की गेंदबाजी करते हुए महज कुछ रन देकर 6 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए हैं।

    अपनी यात्रा को याद करते हुए बरार ने कहा, "मेरे लिए 'भारत ए' की राष्ट्रीय टीम में जगह पाना एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट था। यदि हम रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो हमारे लिए दलीप ट्रॉफी, ईरानी कप या 'भारत ए' के दरवाजे खुलते हैं। जब मेरा चयन हुआ तो मैं बेहद उत्साहित था। मैंने मैदान पर अपनी गेंदबाजी की बुनियादी चीजों को सरल रखा— रफ्तार बनाए रखना, सही टप्पे (लेंथ) पर गेंद डालना और उसे दोनों तरफ स्विंग कराना। जो काम मैं रणजी में करता था, वही मैंने वहाँ भी दोहराया।"

    6 फीट 5 इंच की लंबाई और खतरनाक बाउंसर से बल्लेबाजों में खौफ

    साढ़े छह फीट की कद-काठी वाले गुरनूर बरार अपनी इस शारीरिक बनावट का पूरा फायदा उठा रहे हैं और उनकी तीखी शॉर्ट-पिच (बाउंसर) गेंदें बल्लेबाजों के लिए पहेली बनी हुई हैं। उन्होंने आगे कहा, "मुझे अपनी कड़ी मेहनत और काबिलियत पर पूरा भरोसा है। मैं जब भी गेंद थामता हूँ, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता हूँ। इन दोनों मैचों में टीम के लिए योगदान देकर अच्छा लगा, हालांकि मुझे पता है कि मैं इससे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखता हूँ। आशा है कि आने वाले मैचों में मैं अपनी कमियों को सुधारकर और घातक गेंदबाजी कर सकूँगा।"

    गुजरात टाइटंस के दिग्गजों से मिले टिप्स का हुआ फायदा

    युवा सनसनी ने स्वीकार किया कि दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में गुजरात टाइटंस के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होने से उन्हें काफी फायदा पहुंचा। उन्होंने बताया, "गुजरात टाइटंस के कैंप का माहौल बेहद सकारात्मक है। वहाँ मुख्य कोच आशीष नेहरा, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अनुभवी ईशांत शर्मा जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के तेज गेंदबाजों के साथ वक्त बिताने और उनसे कला सीखने का अमूल्य अवसर मिला। बेशक, हर युवा खिलाड़ी अंतिम एकादश (प्लेइंग इलेवन) में खेलने की इच्छा रखता है और मैं भी अपनी बारी की राह देख रहा था, लेकिन उस दौरान बेंच पर बैठकर जो अनुभव मैंने हासिल किया, वह आज भारत के लिए खेलते समय मेरे बेहद काम आ रहा है।"

    कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में भारत ने जीती श्रृंखला

    भारतीय टीम ने दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में मेहमान टीम अफगानिस्तान को 170 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त देकर तीन मैचों की इस श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब टीम इंडिया ने युवा बल्लेबाज शुभमन गिल की कप्तानी में कोई वनडे द्विपक्षीय श्रृंखला अपने नाम की है। भारत और अफगानिस्तान के बीच इस श्रृंखला का तीसरा और आखिरी औपचारिक मुकाबला 20 जून को चेन्नई के मैदान पर खेला जाएगा, जहाँ टीम इंडिया की नजरें क्लीन स्वीप करने पर होंगी।

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