नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र की प्रमुख स्वदेशी कंपनी भारत फोर्ज लिमिटेड (Bharat Forge Limited) को देश के रक्षा मंत्रालय से 425 करोड़ रुपये का एक बड़ा और महत्वपूर्ण अनुबंध प्राप्त हुआ है। इस नए समझौते के अंतर्गत कंपनी भारतीय नौसेना के जंगी जहाजों के लिए आधुनिक गैस टर्बाइन जनरेटरों का निर्माण और आपूर्ति करेगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिहाज से इस डील को बेहद अहम माना जा रहा है, जिसका सीधा सकारात्मक असर आगामी कारोबारी सप्ताह में कंपनी के शेयर बाजार प्रदर्शन पर भी देखने को मिल सकता है।
कोलकाता क्लास युद्धपोतों को मिलेगी स्वदेशी बिजली और 5 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
इस 425 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे के तहत भारत फोर्ज भारतीय नौसेना को कुल 12 सेट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर (एमजीटीजी) बनाकर सौंपेगी। इन उच्च क्षमता वाले स्वदेशी जनरेटरों को नौसेना के बेड़े में शामिल शक्तिशाली 'कोलकाता क्लास' युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा, जहां ये जहाजों की संपूर्ण बिजली प्रणालियों को ऊर्जा प्रदान करेंगे। वर्तमान में इन पोतों पर बिजली आपूर्ति और एडवांस्ड सेंसर प्रणालियों को संचालित करने के लिए 1980 के दशक की पुरानी रूसी जनरेटर तकनीक का उपयोग हो रहा है, जिसे अब भारत फोर्ज की 1.25 मेगावाट क्षमता वाली आधुनिक मशीनों से बदला जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी पांच वर्षों की समयसीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विदेशी निर्भरता में कमी और 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का कड़ा नियम
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह अनुबंध विशेष रूप से 'बाय (इंडियन)' श्रेणी के तहत हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके नियम बेहद कड़े हैं। इस श्रेणी के तहत जनरेटरों के निर्माण में न्यूनतम 60 प्रतिशत तक घरेलू या स्वदेशी कलपुर्जों का उपयोग किया जाना अनिवार्य है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस समझौते से 1.25 मेगावाट क्षमता के मरीन गैस टर्बाइन जनरेटरों के लिए विदेशी देशों पर भारत की निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। यह कदम केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी महत्वाकांक्षी पहलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ देश की रक्षा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
युद्धपोतों के कॉम्बैट सिस्टम को मिलेगा पावर बैकअप और शेयरों ने बनाया नया रिकॉर्ड
नौसैनिक युद्धपोतों पर मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर बेहद संवेदनशील और रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करते हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए जहाजों पर मौजूद घातक कॉम्बैट सिस्टम, आधुनिक मिसाइल हथियार प्रणालियों और लंबी दूरी के सेंसरों को निरंतर बिजली मिलती है। इस महासौदे की भनक लगते ही शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में भारत फोर्ज के शेयरों में भारी लिवाली देखी गई। कंपनी का शेयर 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2041.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तेजी के दौरान शेयर ने 2059.50 रुपये का अपना अब तक का सर्वोच्च ऑल-टाइम हाई और 52-सप्ताह का नया रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। करीब 97,597 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस दिग्गज डिफेंस कंपनी के शेयरों पर आने वाले दिनों में भी निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।


