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    हाइकिंग ट्रिप के बाद नहीं लौटा भारतीय छात्र, कैलिफोर्निया के जंगल में मिला शव; मौत की वजह की जांच जारी

    कैलिफोर्निया| संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित प्रसिद्ध 'बिग पाइन लेक्स' क्षेत्र में हाइकिंग (पैदल यात्रा) के दौरान अचानक लापता हुए यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सांता बारबरा (UCSB) के भारतीय मूल के प्रतिभाशाली पीएचडी छात्र विक्रम मुबायी का शव बरामद कर लिया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा फिलहाल उनकी मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है और अब तक की छानबीन में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि या साजिश के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

    परिवार से कब हुआ था आखिरी संपर्क?

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, विक्रम मुबायी ने गत 1 अगस्त की रात लगभग 8:30 बजे अपने परिवार से आखिरी बार फोन पर बातचीत की थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपने वर्तमान स्थान के जीपीएस कोऑर्डिनेट्स (GPS Coordinates) भी परिजनों के साथ साझा किए थे। जब वे अपने निर्धारित समय पर अपने ठिकाने पर वापस नहीं लौटे और परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका, तो उन्हें आधिकारिक रूप से लापता घोषित कर दिया गया। इसके तुरंत बाद 'इन्यो काउंटी सर्च एंड रेस्क्यू टीम' और 'कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल' ने संयुक्त रूप से एक बड़ा तलाश अभियान शुरू किया। आखिरकार, कड़े संघर्ष के बाद 3 अगस्त की शाम उनका शव बरामद कर लिया गया।

    मौत की वजह को लेकर क्या कह रहे हैं अधिकारी?

    जांच एजेंसियों ने अभी तक उनकी मौत के स्पष्ट कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इसमें किसी भी प्रकार की साजिश, फाउल प्ले (आपराधिक गतिविधि) या किसी अन्य गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस और प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की विस्तृत और तकनीकी जांच अभी भी जारी है।

    कौन थे विक्रम मुबायी और क्या थी उनकी पृष्ठभूमि?

    विक्रम मुबायी का जन्म हांगकांग में हुआ था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर उनके परिवार द्वारा साझा की गई एक शोक संदेश पोस्ट में उन्हें एक 'बेहद अनुभवी हाइकर' बताया गया है। छात्रों द्वारा संचालित एक गैर-लाभकारी संस्था 'इलिनी 4000' की वेबसाइट पर प्रकाशित उनकी व्यक्तिगत जीवनी (बायोग्राफी) के अनुसार, उन्हें आउटडोर स्पोर्ट्स यानी खेलकूद और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद था।

    अपनी बायोग्राफी में विक्रम ने खुद जिक्र किया था कि उनकी मां ने उन्हें चलना सीखने के तुरंत बाद ही हाइकिंग और टेनिस जैसे खेलों से परिचित करवा दिया था। उनकी पेशेवर प्रोफाइल से यह भी पता चलता है कि वे केवल एक हाइकर ही नहीं, बल्कि एक बेहद कुशल और अनुभवी साइकिल चालक भी थे, जिन्हें विभिन्न प्रकार की एडवेंचर गतिविधियों में गहरी रुचि थी।

    शिक्षा और अकादमिक शोध का सफर

    यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (UCSB) में अपनी पीएचडी की पढ़ाई और शोध कार्य शुरू करने से पहले, विक्रम ने वर्ष 2022 में 'यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस अर्बाना-शैंपेन' (UIUC) से केमिकल इंजीनियरिंग विषय में अपनी बैचलर ऑफ साइंस (B.S.) की डिग्री पूरी की थी। UIUC में अपने अध्ययन के दौरान उन्होंने प्रतिष्ठित 'बर्क लेबोरेटरी' में एक अंडरग्रेजुएट रिसर्च असिस्टेंट और टीचिंग असिस्टेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं।

    उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वे वर्तमान में UCSB में पर्यावरण और विज्ञान से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर शोध कर रहे थे। वे पौधों के कृषि अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरे को बैक्टीरिया तथा अन्य प्राकृतिक जैविक तरीकों की मदद से विघटित (डीकंपोज) करने की दिशा में शोध कर रहे थे। उनके इस अकादमिक शोध का मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम आधारित उत्पादों के अधिक टिकाऊ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प विकसित करना था।

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