जयपुर। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाइयां उपलब्ध कराने तथा दवा बिक्री में निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए औषधि विभाग द्वारा जयपुर में विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की गई। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एक औषधि लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त तथा चार लाइसेंस निर्धारित अवधि के लिए निलंबित किए गए।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ के निर्देशों के क्रम में ड्रग कमिश्नर डॉ. टी. शुभमंगला एवं ड्रग कंट्रोलर श्री अजय फाटक के निर्देशन में कार्रवाई की गई। औषधि नियंत्रण अधिकारी जयपुर श्री मदन मोहन सिंघल ने पुलिस थाना सांगानेर सदर की टीम के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के बिक्री अभिलेख, अनुसूची एच एवं एच-1 सहित नियंत्रित औषधियों के रिकॉर्ड, बिक्री बिल, स्टॉक रजिस्टर, फार्मासिस्ट की उपस्थिति एवं अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच की गई।
निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित लाइसेंसधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। जवाब एवं निरीक्षण में प्रमाणित अनियमितताओं के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
श्री श्याम मेडिकोज, गोविंदपुरा, सांगानेर का औषधि अनुज्ञापत्र गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड संधारण में कमी तथा आवश्यक बिक्री बिल एवं रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने के कारण तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया।
अभि मेडिकल एंड जनरल स्टोर, टोंक रोड, गोनेर मोड़ का लाइसेंस 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया। देवेश मेडिकल एजेंसी, सुमन विहार, वाटिका रोड का लाइसेंस 14 दिवस के लिए निलंबित किया गया। शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर, वाटिका रोड, श्रीराम की नांगल का लाइसेंस 21 दिवस के लिए तथा बालाजी मेडिकल, मुहाना मंडी क्षेत्र का लाइसेंस 30 दिवस के लिए निलंबित किया गया।
औषधि विभाग ने स्पष्ट किया कि अनुसूची एच, एच-1 एवं अन्य नियंत्रित श्रेणी की औषधियों की बिक्री में वैध बिक्री बिल, उचित रिकॉर्ड, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता तथा निर्धारित अभिलेखोंनियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


