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    आईटी कंपनी कोफोर्ज में बढ़ी अंदरूनी कलह, लगातार इस्तीफों से उठे कॉरपोरेट गवर्नेंस पर सवाल

    बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड के भीतर अंदरूनी कलह तेज हो गई है। कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी के प्रमुख और स्वतंत्र निदेशक डीके सिंह ने प्रबंधन और स्वतंत्र बोर्ड सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधन का दावा है कि यह इस्तीफा एक अंदरूनी ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद हुआ है। इस रिपोर्ट में बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान पूर्व चेयरमैन ओपी भट्ट और डीके सिंह पर शासन संबंधी नियमों की अनदेखी करने तथा जरूरी रिपोर्टों को छिपाने के आरोप लगे थे।

    मुद्रास्फीति की स्थिति का होगा पुनर्मूल्यांकनमुंबई

    भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी है कि केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति आगामी महीने में होने वाली बैठक के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि और महंगाई के हालातों की नए सिरे से समीक्षा करेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर देश में महंगाई पर पड़ना तय है, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि ईंधन और अन्य वस्तुओं की बढ़ी हुई लागत का कितना हिस्सा अंततः आम उपभोक्ताओं पर डाला जाता है। इस दौरान मल्होत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) खातों में जमा कुल राशि का लगभग आधा हिस्सा पांच साल की दीर्घकालिक अवधि के लिए निवेशित है।

    विकसित भारत के लक्ष्य के लिए समावेशी वृद्धि अनिवार्य: नीति आयोगमुंबई

    नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन ने देश की आर्थिक प्रगति पर जोर देते हुए कहा है कि भारत ने विकास के मोर्चे पर सराहनीय कदम उठाए हैं। वर्ष 2047 तक देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए यह आवश्यक है कि विकास का दायरा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। एक वैश्विक फिनटेक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जैन ने रेखांकित किया कि देश के कुछ राज्यों ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ राज्य अभी भी विकास सूचकांक में पीछे हैं। ऐसे पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि संतुलित और आर्थिक समावेश के साथ देश वर्ष 2047 तक समृद्धि के मुकाम को हासिल कर सके।

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