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    ट्विशा शर्मा केस की जांच तेज, दिल्ली AIIMS विशेषज्ञों की मौजूदगी में होगा पोस्टमार्टम

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आज एक बहुत बड़ा मोड़ आने वाला है। दिल्ली एम्स (AIIMS) के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता द्वारा गठित चार सीनियर डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड आज भोपाल एम्स में ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करेगा। यह विशेष टीम न सिर्फ शव की दोबारा जांच करेगी, बल्कि इस पूरे मामले से जुड़े सभी मेडिकल और फॉरेंसिक पहलुओं को नए सिरे से खंगालेगी। चूंकि शनिवार को देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने भी इस गंभीर मामले पर खुद आगे बढ़कर संज्ञान लिया है, इसलिए आज होने वाले इस दूसरे पोस्टमार्टम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई जांच से मौत की असली वजह से जुड़े कई चौंकाने वाले नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

    हाई कोर्ट के आदेश और परिवार की जिद

    दरअसल, ट्विशा का परिवार इस मौत को पूरी तरह संदिग्ध मान रहा था और शुरू से ही दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ा हुआ था। इसी वजह से पिछले 12 दिनों से ट्विशा का शव भोपाल एम्स के मर्च्युरी (शवगृह) में सुरक्षित रखा हुआ है। इस बीच पुलिस ने शव के खराब (डिकंपोज) होने की बात भी कही थी, लेकिन परिजनों ने न्याय की आस में तब तक अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया था जब तक कि निष्पक्ष जांच न हो। परिवार की इस कानूनी लड़ाई के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया, जिसके बाद आज यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

    सीबीआई जांच की सिफारिश और मुख्यमंत्री का कदम

    इस मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मामले की कड़ियों को पूरी तरह सुलझाने के लिए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) से इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की सिफारिश की है। प्रशासन और सरकार की इस सक्रियता से अब पीड़िता के परिवार को मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद जागी है।

    आरोपी पति पुलिस की कस्टडी में

    मामले का मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह इस समय पुलिस की गिरफ्त में है और कोर्ट ने उसे 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है। इससे पहले समर्थ ने शुक्रवार को जबलपुर हाई कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की कोशिश की थी, लेकिन अदालत ने उसकी इस अर्जी को नामंजूर कर दिया था, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है। कल यानी 25 मई को सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की अहम सुनवाई होनी है, जिससे इस केस को लेकर कानूनी हलचल और तेज हो गई है।

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