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    US को ईरान की दो टूक चेतावनी, बढ़ा पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध का खतरा

    तेहरान। ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने संयुक्त राज्य अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि ईरान पर हमले नहीं रोके गए, तो संघर्ष एक विनाशकारी और आक्रामक मोड़ ले लेगा। ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि अब ईरान केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सेना को कहीं भी सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। उनका कहना है कि ईरान ने क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए अब तक संयम बरता था, लेकिन अमेरिका ने इस स्थिति का गलत आकलन किया है।

    सैन्य जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ने की चेतावनी

    रेजाई ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी आक्रामकता जारी रहती है, तो ईरान अपनी अतिरिक्त सैन्य क्षमताओं, विशेषकर जमीनी बलों को भी युद्ध के मैदान में उतारने के लिए तैयार है। उन्होंने क्षेत्र के देशों जैसे कुवैत, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के नागरिकों से भी तनाव को नियंत्रित करने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वाशिंगटन को आने वाले दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की और अधिक तीव्र लहरों का सामना करना पड़ेगा और किसी भी प्रकार के जमीनी अभियान के परिणाम अमेरिका के लिए गंभीर होंगे।

    क्षेत्रीय तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति

    तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई ध्वज वाले जहाज को निशाना बनाया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस जहाज ने ईरानी नौसेना के नियमों का उल्लंघन किया था और चेतावनियों के बावजूद बिना अनुमति जलडमरूमध्य पार करने का प्रयास किया था। पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी सेना ईरान के दक्षिणी प्रांतों पर निरंतर हमले कर रही है, जिसे वे समुद्री जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई कार्रवाई बता रहे हैं। इसके प्रत्युत्तर में ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में युद्ध का खतरा लगातार गहराता जा रहा है।

    युद्ध और वार्ता की नीति का अंत

    ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब शांति वार्ता का दौर समाप्त हो चुका है और सैन्य विकल्प ही प्राथमिकता है। रेजाई ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने संघर्ष को क्षेत्रीय युद्ध में बदलकर बड़ी रणनीतिक भूल की है। ईरान का यह रुख दर्शाता है कि भविष्य में सैन्य अभियानों की तीव्रता में और भी अधिक वृद्धि की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संकट उत्पन्न हो सकता है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि ईरान अपनी सैन्य स्थिति को और अधिक आक्रामक बनाने की दिशा में पूरी तरह तैयार है।

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