नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। शुरुआती गिरावट के बाद कीमतों ने मजबूती पकड़ी, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 1.3 प्रतिशत बढ़कर 98.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले बुधवार को यह 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड की कीमत भी 1.6 प्रतिशत बढ़कर 91.75 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
ईरान ने ठुकराया युद्धविराम का प्रस्ताव
तेल की कीमतों में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई जब तेहरान ने बुधवार को अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम योजना को खारिज कर दिया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्री प्रस्ताव दिया था और ट्रम्प ने इस सप्ताह ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से अपने बिजली संयंत्रों को नष्ट करने की स्वयं निर्धारित समय सीमा को स्थगित कर दिया था। ईरान ने भी इस्राइल और खाड़ी अरब देशों पर और हमले शुरू कर दिए, जबकि इस्राइल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और अमेरिका ने इस क्षेत्र में और अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की तैयारी की।
होर्मुज में बढ़ते तनाव से पड़ रहा असर
ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य, जो कि एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है और जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल का परिवहन होता है, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से काफी हद तक बंद है। इसके चलते तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है और युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब अपने चौथे सप्ताह में है।


