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    JMM के भरोसे टिकी है कांग्रेस की राजनीति? संथाल परगना बना सियासी अखाड़ा

    झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 56 सीटों के साथ महागठबंधन की सरकार चल रही है, लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे महागठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच तालमेल की कमी है. गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के द्वारा लगातार कई बयान एक दूसरे के विरोध में आ रहे है. इस बीच झारखंड के प्रमुख सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जब तक कांग्रेस पार्टी हमारे साथ है, तब तक झारखंड का संथाल परगना कांग्रेस पार्टी के साथ है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस का राजनीतिक वजूद ,झारखंड मुक्ति मोर्चा के भरोसे पर टिका है.

    दरअसल सुप्रियो भट्टाचार्य से सवाल किया गया था कि झारखंड की राजनीति इन दोनों संथाल परगना के इर्द-गिर्द टिक गई है क्योंकि 30 जून को हूल दिवस है और बीजेपी के भी दिग्गज नेता संथाल परगना में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं. इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संथाल की धरती ऐतिहासिक है और संथाल के लोग गुरुजी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा को प्यार करते हैं. उन्होंने कहा कि बाकी की पार्टी वहां के लोगों को छलने का काम करती है , लेकिन संथाल के लोग को छल नहीं पाती है. तभी तो संथाल के 18 में से 17 सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कब्जा है.

    JMM के भरोसे संथाल में कांग्रेस की राजनीति!
    उन्होंने कहा कि संथाल के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा गुरुजी और हेमंत बाबू को प्यार करते हैं, और जो भी पार्टी हमारे साथ है उनके साथ है, संथाल उसके साथ भी है. एक तरह से उन्होंने कह दिया कि कांग्रेस पार्टी इसलिए संथाल में चुनाव जीत पाई क्योंकि वह JMM के साथ है और जब तक कांग्रेस पार्टी हमारे साथ है, तब तक संथाल परगना भी कांग्रेस के साथ है. यानी JMM के भरोसे संथाल में कांग्रेस की राजनीति टिकी हुई है.

    JMM की टिप्पणी पर कांग्रेस का पलटवार
    वहीं JMM की टिप्पणी पर झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी सह प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा का कहना है कि हम दोनों गठबंधन में हैं और सिक्के के दो पहलू हैं. एक भी पहलू निकल गया तो फिर सिक्का खोटा हो जाएगा. उन्होंने यह दावा करते हुए कहा कि संथाल परगना में हमारा वजूद है, हमारी पार्टी के द्वारा कई सीटों पर जीत दर्ज की गई है. उन्होंने JMM के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे बयानों से बचना चाहिए, यह महागठबंधन की एकता के लिए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन इसीलिए जीता ,क्योंकि कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राजद और अन्य दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.

    महागठबंधन बीजेपी ने ली चुटकी
    झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के नेताओं के एक दूसरे पर की जा रही लगातार टिप्पणियों को लेकर बीजेपी ने चुटकी ली है. झारखण्ड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि महागठबंधन का गठन ही नेगेटिव माइंडसेट के साथ हुआ है, इस गठबंधन का फॉर्मेशन ही लूट और सत्ता की मलाई खाने के लिए बना है. उन्होंने कहा कि गठबंधन में पूरी तरह कॉर्डिनेशन की कमी है. कमिशनखोरी के चक्कर मे दोनों दलों के नेता एक दूसरे पर बयानबाजी कर रहे है. उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि पांच साल से पहले ही इनके बीच की दरार बढ़ जाए और गठबंधन टूट जाए.

    2024 विधानसभा चुनाव में किसे कितनी सीट मिलीं
    विधानसभा चुनाव 2024 में संथाल परगना के कुल 18 सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद ने मिलकर चुनाव लड़ा था और बड़ी सफलता हासिल करते हुए 18 में से 17 सीटों पर जीत दर्ज की. जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अकेले 11 सीटों पर, जबकि चार सीटों पर कांग्रेस और दो सीटों पर राजद ने जीत दर्ज की थी. जिसमें हॉट सीट बरहेट भी शामिल है जहां से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं . केवल जरमुंडी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवेंद्र कुंवर पार्टी का खाता खोल सके थे. ऐसे भी कहा जाता है कि झारखंड की सत्ता संथाल के रास्ते आती है, शायद यही कारण है कि इन दिनों झारखंड की राजनीति संथाल के इर्द-गिर्द घूम रही है.

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