दशहरे के दिन लोग रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं. इस त्यौहार को घर में सुख-शांति और खुशहाली की कामना के लिए भी खास माना जाता है. ऐसे में पूजा-पाठ के साथ कुछ ऐसे वास्तु उपाय हैं, जिनको करने से घर में सुख समृद्धि आती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. लोकल 18 ने इस बारे में ऋषिकेश के ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय से बात की. वे बताते हैं कि विजयादशमी यानी दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्री राम ने अहंकारी रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था. इसलिए यह पर्व यह याद दिलाता है कि चाहे अहंकार और बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, अंत में जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है.
अखिलेश पांडेय कहते हैं कि इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध भी किया था, इसलिए इसे शक्ति की उपासना और विजय के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है. इस दिन अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के बड़े-बड़े पुतले जलाए जाते हैं. मान्यता है कि रावण दहन के बाद उसकी राख को घर लाने से और घर के चारों कोनों में छिड़कने से सभी प्रकार के वास्तु दोष दूर होते हैं. इससे घर में सुख-समृद्धि और धन लाभ होता है.
ये काम भी कर सकते हैं
अखिलेश पांडेय के मुताबिक नारियल को सनातन धर्म में बेहद पवित्र और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. जब आप इसे लाल कपड़े में लपेटकर अपने मंदिर में स्थापित करते हैं, तो इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है. लाल रंग को ऊर्जा, उत्साह और मां लक्ष्मी का प्रिय रंग माना गया है. ऐसा माना जाता है कि इस सरल से उपाय को करने से घर का माहौल शुद्ध और सकारात्मक हो जाता है. घर के कोने-कोने में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है, जिससे मन शांत रहता है और घर में चल रहें क्लेश दूर होते हैं. घर में बरकत भी आती है.


