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    क्या सच में यहीं से खुलता है धन, करियर और पॉजिटिव एनर्जी का गुप्त दरवाजा?

    घर बनाना सिर्फ ईंट, सीमेंट और नक्शे तक सीमित नहीं होता. यह हर इंसान के सपनों, मेहनत और भविष्य से जुड़ा होता है. कोई चाहता है घर में सुकून हो, कोई चाहता है तरक्की के मौके बढ़ें और कोई चाहता है कि परिवार में हमेशा पॉजिटिव माहौल बना रहे. इसी वजह से आज के समय में लोग घर की दिशा और वास्तु पर पहले से ज्यादा ध्यान देने लगे हैं. उत्तर मुखी घर को लेकर खास तौर पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा को धन, अवसर और आगे बढ़ने की दिशा माना जाता है. लेकिन सिर्फ उत्तर की तरफ मुख होना ही काफी नहीं होता. इस आर्टिकल में हम उत्तर मुखी घर के वास्तु का महत्व, सही प्लानिंग, डिजाइन टिप्स और आम गलतियों को जानेंगे

     उत्तर मुखी घर का वास्तु महत्व वास्तु मान्यताओं में उत्तर दिशा को कुबेर से जोड़ा जाता है, जिन्हें धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि उत्तर मुखी घर को फाइनेंस, करियर और नए अवसरों के लिहाज से अच्छा माना जाता है. इस दिशा से मिलने वाली प्राकृतिक रोशनी और ठंडी हवा घर के माहौल को हल्का और फ्रेश बनाए रखती है. अगर घर का नक्शा सही हो तो यहां रहने वाले लोगों में फोकस बढ़ता है, फैसले बेहतर होते हैं और मानसिक तनाव कम महसूस होता है.

     उत्तर मुखी घर के लिए सही प्लानिंग 1) मुख्य प्रवेश द्वार उत्तर मुखी घर में मेन गेट सबसे ज्यादा असर डालता है. कोशिश करें कि प्रवेश द्वार उत्तर या उत्तर-पूर्व हिस्से में हो. गेट के सामने कचरा, जूते या बेकार सामान जमा न होने दें. यहां अच्छी रोशनी और साफ-सफाई पॉजिटिव माहौल बनाए रखती है.

     2) लिविंग रूम की सही जगह लिविंग रूम उत्तर-पूर्व या उत्तर हिस्से में होना अच्छा माना जाता है. यह हिस्सा बातचीत और मेहमानों के लिए सही रहता है. भारी फर्नीचर को दक्षिण या पश्चिम की दीवार के पास रखें ताकि जगह खुली लगे.

     3) रसोई की प्लानिंग रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व कोना सबसे सही माना जाता है. खाना बनाते वक्त व्यक्ति का मुख पूर्व की तरफ हो तो बेहतर रहता है. सिंक और गैस चूल्हे के बीच थोड़ी दूरी रखें, इससे संतुलन बना रहता है.

     4) शयनकक्ष का सही स्थान बेडरूम के लिए दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा बेहतर मानी जाती है. मास्टर बेडरूम यहां होने से स्थिरता और गहराई बनी रहती है. सोते समय सिर दक्षिण दिशा में रखें और बहुत तेज रंगों से बचें.

     5) बाथरूम और टॉयलेट बाथरूम और टॉयलेट को पश्चिम या उत्तर-पश्चिम हिस्से में बनाना ठीक रहता है. उत्तर-पूर्व कोने में इनका होना घर की पॉजिटिव एनर्जी को प्रभावित कर सकता है.

     उत्तर मुखी घर के लिए डिज़ाइन टिप्स -उत्तर और पूर्व दिशा में ज्यादा खुली जगह रखें -बड़ी खिड़कियां उत्तर दिशा में बनाएं ताकि रोशनी अच्छी आए -फर्श के लिए हल्के रंग के टाइल्स या मार्बल सही रहते हैं -सीढ़ियां दक्षिण या पश्चिम हिस्से में बेहतर मानी जाती हैं -घर के बीच वाले हिस्से को ज्यादा भरा हुआ न रखें

     उत्तर मुखी घर में होने वाली आम गलतियां -मेन गेट के पास अव्यवस्था -उत्तर-पूर्व में भारी निर्माण -बहुत गहरे या काले रंगों का ज्यादा इस्तेमाल -गलत जगह पर रसोई या बाथरूम इन छोटी-छोटी गलतियों को ठीक करके भी घर का माहौल काफी बेहतर बनाया जा सकता है.

     

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