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    ईरान को इजरायल की चेतावनी: आक्रामकता बंद करो, वरना चुकानी होगी कीमत

    नई दिल्ली। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह अपनी आक्रामकता जारी रखता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने खुद को बचाने के लिए सटीक कार्रवाई की है। यदि ईरान आगे बढ़ने का निर्णय लेता है, तो उसे इसके परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

    इजरायल चला रहा ऑपरेशन राइजिंग लायन
    एक साक्षात्कार में अजार ने इस हमले (ऑपरेशन राइजिंग लायन) में अमेरिका की भागीदारी से इन्कार किया। हालांकि, उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसके बारे में सूचित किया गया था। यह पूछे जाने पर कि क्या इस हमले के बाद अब ईरान इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा, अजार ने कहा कि यह पूरी तरह से ईरानियों पर निर्भर करता है। यदि वह अपनी आक्रामकता जारी रखता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।

    रूवेन अजार ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई पर विभिन्न देश जिम्मेदारी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, मित्र देशों और पश्चिमी शक्तियों के साथ खुफिया जानकारी साझा की है। ये देश ईरान की ''क्रूरता और कट्टरता'' को समझते हैं।

    परमाणु हथियार तैयार था, गुप्त नेटवर्क उन्हें असेंबल कर रहा था
    रूवेन अजार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की गति बढ़ा दी है। अब तक उसने नौ परमाणु बमों के लिए संवर्धित यूरेनियम जुटा लिया है। लेकिन, जिस तात्कालिक संदर्भ में हमें कार्रवाई करनी पड़ी, वह यह तथ्य है कि एक गुप्त समूह था, जो बैलिस्टिक मिसाइल पर परमाणु हथियार को असेंबल करने पर काम कर रहा था।

    इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती थी, जिसमें इजरायल पर परमाणु बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया जा सके। राजदूत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने यह निर्धारित किया है कि ईरान ने सुरक्षा समझौते का उल्लंघन किया है। वह अवैध परमाणु गतिविधियों में शामिल है।

    इजरायल अपनी रक्षा खुद कर रहा है
    इजरायली राजदूत ने औपचारिक सैन्य गठबंधन के अस्तित्व से इन्कार किया, लेकिन ईरान और उसके सहयोगियों से खतरों का मुकाबला करने के लिए बढ़ते क्षेत्रीय सहयोग को रेखांकित किया।
    कहा कि इजरायल अपने अस्तित्व के लिए स्वतंत्र रूप से ऑपरेशन राइजिंग लायन चला रहा है, जबकि अब्राहम समझौते के बाद अरब देशों के साथ समन्वय गहरा हुआ है। इजरायल अपनी रक्षा के लिए खुद ही कार्रवाई कर रहा है। हालांकि, हमारे भागीदारों की मदद और सहायता महत्वपूर्ण है।

    ऑपरेशन सिंदूर का किया समर्थन
    रूवेन अजार ने पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इजरायल और भारत एक दूसरे की आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और इजरायल के बीच विश्वास का रिश्ता है। जैसे-जैसे दोनों देशों के सामने चुनौतियां बढ़ेंगी, यह रिश्ता और गहरा होता जाएगा।

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