More
    Homeराजनीतिजयशंकर का ट्रंप को परोक्ष संदेश: भारत-रूस संबंधों पर किसी भी देश...

    जयशंकर का ट्रंप को परोक्ष संदेश: भारत-रूस संबंधों पर किसी भी देश का वीटो मान्य नहीं

    नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हाल ही में हुई दो दिवसीय भारत यात्रा नई दिल्ली और मॉस्को के बीच संबंधों को नए सिरे से पारिभाषित करेगी। एक कार्यक्रम में एस. जयशंकर ने कहा कि बीते 70-80 वर्षों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैंने पहले भी कहा है, और मैं इस बात को फिर से कहूंगा, भारत-रूस संबंध दुनिया के सबसे स्थिर संबंधों में से एक रहे हैं। दुनिया को कोई भी देश हमारे संबंधों पर वीटो नहीं लगा सकता है। 
    जयशंकर ने भारत के अपने वैश्विक साझेदार चुनने की स्वतंत्रता का जिक्र कर कहा कि जियोपॉलिटिकल उतार-चढ़ाव से भरी दुनिया में मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंध सबसे स्थिर रहे हैं। किसी भी देश के लिए किसी अन्य देश के साथ भारत के संबंधों पर वीटो लगाना अनुचित है। जयशंकर ने बताया, अमेरिका के साथ 80-90 के दशक और सन 2000 के आसपास हमारा आर्थिक रिश्ता बढ़ा, लेकिन रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसा नहीं हुआ, जब तक कि न्यूक्लियर डील नहीं हुई। हमारी कई यूरोपीय देशों के साथ अच्छे रिश्ते रहे हैं। लेकिन वे चीन को प्राइमरी पार्टनर मानते हैं।
    विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, रूस और भारत ने इन दशकों में कई उतार-चढ़ाव देख लिए हैं, दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी अहम रहे हैं। हालांकि, रूस के चीन और यूरोप के साथ रिश्ते काफी ऊपर और नीचे रहे है। विदेश नीति किसी मूवी से ज्यादा अलग होता है, पुतिन का भारत आना दोनों देशों के लिए क्या अहम है।   उन्होंसने कहा कि कोई भी देश हमारे रिश्तोंर पर वीटो नहीं लगा सकता है। दरअसल जयशंकर का इशारा, अमेरिकी राष्ट्रीपति डोनाल्ड् ट्रंप की ओर था, जो इस बात पर अड़े हैं कि भारत को रूस के साथ डिफेंस डील नहीं करनी चाहिए, कच्चार तेल नहीं खरीदना चाहिए। हालांकि, भारत ने कई मौकों पर साफ कह चुका हैं कि भारत किसी देश के दबाव में झुकने वाला नहीं है। 
    जयशंकर ने कहा, भारत-अमेरिका रिश्ते पर पीएम मोदी ने काफी मेहनत की है। हर सरकार हर अमेरिकी राष्ट्रपति का अपना अलग तरीका है। ट्रंप का तरीका एकदम अलग है। उन्होंने खुद भी ऐसा कहा है। मेरे लिए विदेश नीति हर वक्त आपके हिसाब से नहीं चल सकती है। दिक्कीतें आएंगी, आज अमेरिका से है, कल किसी और के साथ आ सकती है। कारोबार पर कोई बात बन सकती है, हम बातचीत कर सकते हैं। ये देश के लाइवलीहुड का सवाल है। हमारे लिए वर्कर, फॉर्मर और मिडिल क्लास अहम है।
     

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here