नई दिल्ली। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए कड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन प्रतिबंधों की तुलना युद्ध के हालातों से करते हुए चेतावनी दी है कि जनता और युवाओं की आवाज को जितना दबाया जाएगा, विद्रोह उतनी ही अधिक ताकत के साथ सामने आएगा।
निर्वाचन आयोग और सरकार पर आक्रामक तेवर
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता पूरी तरह अडिग हैं और स्पष्ट कर चुके हैं कि वे इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। 'वोट चोरी' के खिलाफ चल रहे इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने उनसे इस मामले में साक्ष्य मांगे हैं।
कांग्रेस नेता लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और इसी के विरोध में पिछले दिनों सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं, नेताओं और सांसदों ने चुनाव आयोग तक मार्च किया था। आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की अनुमति न मिलने पर उन्होंने लगातार तीन दिनों तक जंतर-मंतर और राजघाट जैसे प्रमुख स्थलों पर जोरदार प्रदर्शन और धरने दिए।
सीजेपी के प्रदर्शन पर प्रशासन की भारी सख्ती
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक कदम उठाए। देश भर के युवाओं से इस आंदोलन में जुड़ने की अपील की गई थी, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया, लंबी दूरी की ट्रेनों को एहतियातन रोका गया और दिल्ली की सीमाओं पर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई।
जीतू पटवारी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला
इसी प्रशासनिक सख्ती और सुरक्षा घेराबंदी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ट्रेनों को रद्द करना, नेताओं को नजरबंद करना, सड़कों पर कीलें बिछाना और बॉर्डर पर युद्ध जैसे हालात पैदा करना एक डरी हुई सरकार की कार्यशैली को दर्शाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वोटों की हेराफेरी क्यों हुई, इसके पीछे कौन जिम्मेदार है और असली अपराधी कौन हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार दोषी हैं और सरकार को उन्हें पद से हटाना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी संसद में महाभियोग प्रस्ताव लेकर आएगी।
युवाओं के आंदोलन को कुचलने के परिणाम की चेतावनी
जीतू पटवारी ने संविधान प्रदत्त अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि देश के युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि युवाओं को दिल्ली में रोका जाएगा, तो यह विद्रोह मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य शहरों में भी फैल जाएगा। उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि जनता की बात सुनी जानी चाहिए, उन्हें रोकना या दबाना नहीं चाहिए, क्योंकि गलती करने वाले को अंततः सजा भुगतनी ही पड़ेगी।


