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    7 साल में झोपड़ी से होटल तक का सफर: ₹6 करोड़ की चरस के साथ पकड़ा गया ढाबे वाला

    शिवपुरी: देहात थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 करोड़ 21 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत की चरस जैसा नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में शिवपुरी जिले के कोलारस के रमतला के रहने वाले संदीप सिंह सिक्ख को गिरफ्तार किया है। सूत्र बताते हैं कि इस आरोपी का कोलारस क्षेत्र के कुछ भाजपा नेताओं के साथ भी कनेक्शन है और भाजपा नेताओं के साथ वाले कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि पुलिस सीधे तौर पर इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है।

    नशा कारोबार का बड़ा नेटवर्क
    शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि पकड़े गए आरोपी ने नेपाल से इंडिया में यह चरस मंगवाई और अब इसे शिवपुरी से राजस्थान भेजा जाना था। नेपाल से चरस की खेप टमाटर के व्यापारी के माध्यम से एक ट्रक में छुपाकर शिवपुरी लाई गई थी लेकिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर इसे फोरलेन हाईवे से जब्त किया। इस मामले में पकड़े गए आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर और आगामी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि आरोपी संदीप सिंह पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी एक्ट और गुना-कोलारस थानों में अपराध शामिल हैं। पिछले वर्ष उससे 03 करोड़ 49 लाख रुपए की 17 किलो चरस भी जब्त हुई थी।
     
    दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक कार जब्त की गई
    एक पत्रकारवार्ता के दौरान शिवपुरी के एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई को सूचना मिली कि मझेरा गांव, कोटा-झांसी फोर लेन पर एक युवक बड़ी खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक नई किओ कार जब्त की गई। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि जांच में सामने आया कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर यह खेप ट्रक में छुपाकर लाया और संदीप को सौंप दी। राजस्थान की पार्टी से सौदा तय हुआ था, लेकिन पुलिस की दबिश से आरोपी पहले ही पकड़ लिया गया।

    जेल में बनी योजना, लेकिन हो गई फेल
    बताया जाता है कि कुछ महीने पहले गुना की कैंट पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़कर जेल भेज दिया था। यहीं जेल में उसकी मुलाकात बंटी नाम के कैदी से हुई। बंटी ने संदीप को भरोसा दिलाया कि वह उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवा सकता है, जो चरस की भारी खेप खरीदने को तैयार है। इसके बाद करीब एक माह पहले जब दोनों जेल से बाहर आए, तो बंटी ने संदीप की मुलाकात राजस्थान के नशा कारोबारियों से कराई। इसके बाद योजना बनी। आरोपी संदीप सिंह ने नेपाल से चरस की यह खेप मंगवाई। मोहन ठाकुर नाम का टमाटर व्यापारी यह खेप नेपाल से ट्रक में छुपाकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करके शिवपुरी लाया और संदीप सिंह को सौंप दी। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में नशा कारोबारियों से यह तय हुआ था कि राजस्थान की पार्टी चरस लेने शिवपुरी आएगी और मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोर लेन) पर डिलीवरी पॉइंट तय किया गया। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर संदीप सिंह को पकड़ लिया।

    कुछ साल पहले ढ़ाबा खोला और फिर कमाया पैसा
    बताया जाता है कि नशा कारोबार से जुड़ने के बाद आरोपी ने एकाएक पैसा कमाया। पिछले दिनों यह आरोपी एक नई किया कार खरीदकर लाया जिसका उपयोग नशा डिलीवरी देने में करता था। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि संदीप सिंह के माता-पिता मूलत: पंजाब के रहने वाले हैं। कई साल पहले वे कोलारस आकर बस गए और 10 बीघा जमीन लेकर खेती करने लगे। संदीप दो भाइयों में से एक है। कोरोना काल के दौरान संदीप ने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। इसी ढाबे से उसने अवैध नशे का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह अफीम, गांजा और चरस बेचने और सप्लाई करने लगा। सिर्फ 7 साल में जिस झोपड़ी में ढाबा था, वहां अब दो मंजिला होटल खड़ा है।

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