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    Homeराज्यमध्यप्रदेशमोहन सरकार का अहम निर्णय, अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट

    मोहन सरकार का अहम निर्णय, अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश की तबादला नीति को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके तहत सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए तय समय-सीमा को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, दो से तीन विभागों को अपने तबादला आदेशों को अंतिम रूप देने और उन्हें जारी करने के लिए आज रात 12 बजे तक की विशेष मोहलत दी गई है। इन संबंधित विभागों को हर हाल में आज रात तक ही अपनी सूचियां सार्वजनिक करनी होंगी। गौरतलब है कि राज्य में 1 से 15 जून तक के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटाया गया था।

    20 मई को कैबिनेट ने दी थी नीति को हरी झंडी

    विदित हो कि प्रदेश में बीते 20 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में नई स्थानांतरण नीति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। इसके पश्चात, 22 मई को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सभी प्रशासनिक और शासकीय विभागों को 15 जून की तय अवधि के भीतर ही समस्त फेरबदल की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे।

    कैबिनेट बैठक के अन्य मुख्य निर्णय:

    • इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट: बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

    • वन्यजीव और पर्यावरण: प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से संचालित तीन नवीन योजनाओं को आगामी समय में भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

    • ग्रामीण पुनर्वास व मुआवजा: ग्रामीण अंचलों में विस्थापितों के पुनर्वास और उचित मुआवजा राशि की मंजूरी को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

    • जनकल्याणकारी योजनाएं: श्रम विभाग और स्थानीय निधि ऑडिट से जुड़ी विभिन्न जनहितैषी योजनाओं को निरंतर जारी रखने पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई।

    • न्यायिक आदेश का पालन: हाई कोर्ट के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक विशेष प्रकरण में संबंधित कर्मचारी की पेंशन बहाली को मंजूरी दी गई।

    • स्वास्थ्य सेवाओं में आउटसोर्सिंग: रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत आउटसोर्स व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।

    • संविदा का दर्जा: सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत मानदेय (रोजमर्रा के भत्ते) पर कार्यरत कर्मचारियों को संविदा सेवा में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।

    अस्पताल ट्रस्टों को भूमि आवंटन के लिए बनेगी मंत्रियों की समिति

    भोपाल में आयोजित इस बैठक में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और नए अस्पतालों के विस्तार को लेकर भी ठोस कदम उठाए गए। राज्य सरकार ऐसे सक्षम ट्रस्टों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने की योजना बना रही है जो चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए पांच मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति ट्रस्टों को जमीन आवंटित करने के नियम, पात्रता और मानदंड तय कर सरकार को अपने सुझाव सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रूपरेखा तैयार होगी।

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