More
    Homeखेल300 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले ललित उपाध्याय का संन्यास

    300 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले ललित उपाध्याय का संन्यास

    अर्जुन अवार्डी ओलिंपियन ललित उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा की है। वह घरेलू मुकाबले खेलते रहेंगे। ललित उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी हैं और पुलिस टीम के कप्तान भी हैं। इस वक्त वह बेल्जियम में हो रहे एफआइएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

    उन्होंने एक्स पर अपना निर्णय साझा किया। साथ ही बेल्जियम से मोबाइल पर दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में संन्यास लेने के अपने निर्णय की जानकारी दी। बताया कि उन्होंने हॉकी में काफी ऊंचाई हासिल कर ली है। खिलाड़ी को अपने पीक पर ही आगे के लिए निर्णय लेना चाहिए। इसलिए अब मैंने अंतरराष्ट्रीय मैच से दूर होकर घरेलू मैच खेलने का निर्णय लिया है। इससे अन्य युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों मौका मिलेगा।

    संन्यास के बारे में ललित का बयान

    ललित ने बताया वह आगे भी कुछ करना चाहते थे और इंजरी से भी जूझ रहे थे। इसलिए तय किया कि जिस हाकी ने उन्हें सब कुछ दिया है अब उसे दिया जाए। उनका कहना है कि वे वाराणसी में हॉकी के विकास के लिए ग्रास रूट लेवल पर काम करेंगे। इसमें बच्चों को तैयार करने के लिए समय मिल सकेगा। परिवार को भी समय दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि लाइफ में संन्यास लेने का निर्णय काफी कठिन होता है। जब आपको लगे कि आप पहले जैसा नहीं कर पा रहे हैं तो निर्णय कर लेना चाहिए। मैं ज्यादा से ज्यादा खेलूं यह नहीं सोचना चाहिए, दूसरे को भी मौका देना चाहिए। हालांकि संन्यास का निर्णय लेने से पहले हमने पत्नी, दोस्तों, परिवार सभी से बात की और सभी ने मेरे निर्णय का समर्थन किया।

    यूपी कॉलेज के ग्राउंड पर परमानंद मिश्रा से हॉकी का ककहरा सीखने वाले ललित अब तक 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वर्ष 2018 में उनका चयन राष्ट्रीय हाकी टीम में हुआ था। शिवपुर के एक छोटे से गांव भगतपुर के ललित ने गांव की पगडंडियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय फलक तक छा जाने का सफर बड़ी जद्दोजहद के साथ तय किया। छोटे शहर का होने बावजूद ख्वाब हमेशा बड़े रहे। इसके लिए उन्होंने न केवल अपने खेल, बल्कि शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का भी संजीदगी के साथ ध्यान रखा।

    टोक्यो ओलंपिक में जीता था ब्रांज मेडल

    ललित टोक्यो और पेरिस ओलिंपिक में ब्रांज मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। बर्मिंघम कामनवेल्थ में रजत पदक जीतने वाली भारतीय हाकी टीम के सदस्य भी रहे। वह ओलिंपिक में खेलने वाले वाराणसी के चौथे हॉकी खिलाड़ी हैं। वहीं दो ओलिंपिक में खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। ललित सेंटर फारवर्ड पोजीशन से खेलते हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मैचों में 100 से अधिक गोल कर चुके हैं।

    इनके पहले हाकी में ड्रिबलिंग के उस्ताद माने जाने वाले मो. शाहिद एक दशक से अधिक समय तक भारतीय हॉकी टीम का अहम हिस्सा रहे। 1980 मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में भी थे। 1984 लास एंजिल्स व 1988 सियोल ओलंपिक में भी मोहम्मद शाहिद ने देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें अर्जुन पुरस्कार व पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here