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    लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद, फिर भी कैसे चल रहा गैंग का नेटवर्क? समझें पूरी कहानी

    मुंबई। महानगर मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इस सनसनीखेज हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए हैं, हालांकि उनके चालक को गोली लगने के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के दौरान टाइगर श्रॉफ को भी हल्की चोटें आई हैं। इस वारदात के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे 'जंगलराज' करार दिया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अपराधियों और उनके सरगनाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जो आरोपी राज्य के भीतर सक्रिय थे, उन्हें दबोच लिया गया है, जबकि विदेश या अन्य राज्यों से आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले मास्टरमाइंडों को भी जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

    बॉलीवुड पर लगातार मंडराता गैंगस्टरों का साया

    बीते कुछ महीनों से मुंबई में फिल्म जगत की जानी-मानी हस्तियों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सलमान खान से लेकर रोहित शेट्टी और अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ तक पर हुए हमलों के पीछे लॉरेंस बिश्नोई और उसके आपराधिक सिंडिकेट का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस बिश्नोई खुद गुजरात की उच्च सुरक्षा वाली साबरमती सेंट्रल जेल में बंद होने के बावजूद अपने इस बड़े नेटवर्क को सुचारू रूप से संचालित कर रहा है।

    अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैला है बिश्नोई का सिंडिकेट

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, यह गिरोह अब एक साधारण गैंग न रहकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट बन चुका है। भारत के ग्यारह से अधिक राज्यों में पांव पसार चुका यह नेटवर्क अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया तक सक्रिय है। जेल के भीतर से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और वर्चुअल नंबरों के माध्यम से गुर्गों को सीधे निर्देश दिए जाते हैं, जबकि विदेश में बैठे उसके सहयोगी स्थानीय स्तर पर बेरोजगार युवाओं को पैसों का लालच देकर वारदातों को अंजाम दिलवा रहे हैं।

    गिरोह की कमान संभालने वाले नए चेहरे

    लॉरेंस और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के जेल या कानून की गिरफ्त में होने के बाद, इस आपराधिक साम्राज्य को चलाने के लिए कई नए चेहरे सामने आए हैं। इनमें अकोला निवासी शुभम लोनकर, बानसूर (राजस्थान) का रहने वाला हरि चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर, कनाडा में हथियारों की आपूर्ति संभालने वाला गोल्डी ढिल्लों, लॉरेंस का करीबी आरजू बिश्नोई, अमेरिका से निर्देश देने वाला अनिल पंडित और हरमन संधू जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी पर देश-विदेश में बैठकर रंगदारी वसूलने, हथियारों की तस्करी करने और बॉलीवुड हस्तियों पर हमलों की साजिश रचने के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    सेलिब्रिटी हमलों में सरगनाओं की संलिप्तता

    जांच में यह बात सामने आई है कि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग, और हाल ही में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुए हमले के पीछे इसी सिंडिकेट के विभिन्न गुर्गों का हाथ रहा है। अनिल पंडित ने टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एक चेतावनी बताया है। फिलहाल तमाम केंद्रीय और राज्य स्तर की जांच एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की हर एक कड़ी को खंगालने में जुटी हैं ताकि गैंग के सभी सक्रिय सदस्यों को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।

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