More
    HomeबिजनेसQ4 नतीजों के बाद LG Electronics India शेयर 4% लुढ़का, निवेशक सोच...

    Q4 नतीजों के बाद LG Electronics India शेयर 4% लुढ़का, निवेशक सोच में

    मुंबई। घरेलू उपकरण (होम अप्लायंसेज) और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड (LG Electronics India) के शेयरों में 22 मई को भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबार के दौरान कंपनी का स्टॉक 4.4 प्रतिशत तक लुढ़क कर 1462.65 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। शेयरों में आई इस गिरावट की मुख्य वजह जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के नतीजों में कंपनी के शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) का घटना माना जा रहा है।

    तिमाही मुनाफे में 8% से अधिक की गिरावट, खर्चों ने बढ़ाया दबाव

    मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के दौरान एलजी इंडिया का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 8.19 प्रतिशत घटकर 692.7 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वर्ष की समान तिमाही में 754.54 करोड़ रुपये था। मुनाफे में आई इस कमी का बड़ा कारण इनपुट लागत (कच्चे माल की कीमत) में बढ़ोतरी और विदेशी मुद्रा (करेंसी) में आई कमजोरी को माना जा रहा है। इसके चलते कंपनी के कुल खर्च सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 7,223.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गए और कामकाजी मार्जिन (EBITDA मार्जिन) भी 230 बेसिस पॉइंट गिरकर 11.7 प्रतिशत रह गया।

    रेवेन्यू में 8% की बढ़ोतरी; होम अप्लायंस और बड़े टीवी की मांग में उछाल

    मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के परिचालन राजस्व (रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस) में सुधार दर्ज किया गया है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 8.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 8,053.55 करोड़ रुपये रहा, जो मार्च 2025 तिमाही में 7,448.42 करोड़ रुपये था। सभी सेगमेंट में मांग बढ़ने से राजस्व को सहारा मिला, जिसमें होम अप्लायंस बिजनेस में 6 फीसदी और बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजन की शानदार मांग के चलते होम एंटरटेनमेंट बिजनेस में साल-दर-साल आधार पर 20 फीसदी की बेहतरीन ग्रोथ देखी गई। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो सालाना शुद्ध मुनाफा 23.52 प्रतिशत घटकर 1,685.09 करोड़ रुपये रह गया है।

    धमाकेदार रहा था IPO का सफर, प्रमोटर्स के पास 85% हिस्सेदारी

    एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (जो दक्षिण कोरियाई मूल की एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की भारतीय इकाई है) पिछले साल 14 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। कंपनी का 11,607 करोड़ रुपये का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा बोली पाने वाला आईपीओ साबित हुआ था, जिसे 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के सब्सक्रिप्शन मिले थे और यह 54.02 गुना भरकर बंद हुआ था। हालांकि, 1140 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले शेयर अभी ऊपर है, लेकिन पिछले एक महीने में इसमें 8 फीसदी की गिरावट आई है। मार्च 2026 के अंत तक कंपनी में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रमोटर्स के पास सुरक्षित थी।

    बाय, सेल या होल्ड: विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्म्स का क्या है अनुमान?

    बाजार के जानकारों के अनुसार, हालिया गिरावट के बावजूद बाजार के विशेषज्ञ इस स्टॉक को लेकर काफी सकारात्मक हैं। इस शेयर पर नजर रखने वाले 30 मार्केट एनालिस्ट्स में से 29 ने इसे खरीदने ('Buy') की सलाह दी है, जबकि केवल एक विश्लेषक ने इसे बेचने ('Sell') की राय दी है। ब्रोकरेज फर्म्स के टारगेट प्राइस की बात करें तो:

    ब्रोकरेज फर्मरेटिंग/सलाहटारगेट प्राइस (प्रति शेयर)
    Way2Wealth Brokersबुलिश (सर्वोच्च लक्ष्य)₹1,950
    HDFC Securitiesकशियस (न्यूनतम लक्ष्य)₹1,485

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here